हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन ने वन आवरण विस्तार में मील का पत्थर हासिल किया
2026-08-23पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (जीआईएम) देश में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में सुधार करने और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य 10 वर्षों की अवधि में 13 मिलियन हेक्टेयर निम्नीकृत वन भूमि को कवर करना है।
वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, जीआईएम ने सफलतापूर्वक 5 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को वन और वृक्ष आवरण के तहत लाया है, जो अपने अंतरिम लक्ष्यों से आगे निकल गया है। इस उपलब्धि का श्रेय प्रभावी सामुदायिक भागीदारी और उन्नत वनीकरण तकनीकों के उपयोग को दिया जाता है।
प्रभाव: यह विस्तार कार्बन पृथक्करण, बेहतर जल चक्र और विभिन्न प्रजातियों के आवासों की बहाली में महत्वपूर्ण योगदान देता है, जिससे भारत की जलवायु लचीलापन और पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
तटीय क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नई नीति ढांचा
2026-08-23पृष्ठभूमि: भारत का विस्तृत तटरेखा जैव विविधता का एक हॉटस्पॉट है, जो अद्वितीय समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों का घर है। हालांकि, ये क्षेत्र प्रदूषण, अत्यधिक मछली पकड़ने और समुद्र-स्तर में वृद्धि जैसे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से महत्वपूर्ण खतरों का सामना करते हैं।
वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारत के 7,500 किमी तटरेखा के साथ जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक नई नीति ढांचे की घोषणा की। यह ढांचा एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन और नए समुद्री संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना पर जोर देता है।
प्रभाव: इस नीति से महत्वपूर्ण समुद्री आवासों की सुरक्षा, समुद्री कछुओं और डुगोंग जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा, तटीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय तनावों के खिलाफ तटीय पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन को बढ़ाने की उम्मीद है।