इसरो ने एनजीएलवी के लिए सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया
2026-09-12पृष्ठभूमि: इसरो पीएसएलवी और जीएसएलवी श्रृंखला को बदलने के लिए नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) विकसित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 11 सितंबर 2026 को, इसरो ने महेंद्रगिरि सुविधा में अपने 2000kN सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट किया। यह इंजन रिफाइंड केरोसिन (इसरोकर) और तरल ऑक्सीजन का उपयोग करता है। प्रभाव: यह उपलब्धि भारत की भारी-भरकम पेलोड ले जाने की क्षमता को काफी बढ़ाती है, जिससे कम लागत पर बड़े पेलोड को कक्षा में स्थापित किया जा सकेगा, जो भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है।
भविष्य के मिशनों के लिए डीप स्पेस नेटवर्क का विस्तार
2026-09-12पृष्ठभूमि: डीप स्पेस नेटवर्क (DSN) पृथ्वी की कक्षा से परे अंतरिक्ष यान को ट्रैक करने और उनसे संवाद करने के लिए आवश्यक है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 तक, भारत अपने DSN बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। आगामी चंद्र नमूना वापसी और मंगल ऑर्बिटर मिशनों का समर्थन करने के लिए नए हाई-गेन एंटेना स्थापित किए जा रहे हैं। प्रभाव: बेहतर DSN क्षमताएं लंबी अवधि के मिशनों के लिए निर्बाध डेटा ट्रांसमिशन और कमांड कंट्रोल सुनिश्चित करती हैं, जिससे सिग्नल हानि का जोखिम कम होता है और जटिल अंतरग्रहीय प्रक्षेपवक्र के लिए नेविगेशन की सटीकता में सुधार होता है।