डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए MeitY ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' लॉन्च किया
2026-10-22पृष्ठभूमि: 2015 में शुरू किए गए 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना था। इसने डिजिटल बुनियादी ढांचे, डिजिटल पहुंच और डिजिटल साक्षरता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया।
वर्तमान संदर्भ: 22 अक्टूबर 2026 को, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' के शुभारंभ की घोषणा की। यह उन्नत पहल सभी क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन को और बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और ब्लॉकचेन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना, नवाचार को बढ़ावा देना और एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।
प्रभाव: डिजिटल इंडिया 2.0 से डिजिटल अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने, नई रोजगार के अवसर पैदा होने, प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिक सेवाओं में वृद्धि होने और भारत को डिजिटल नवाचार में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है।
डिजिटल इंडिया 2.0 के तहत राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन का विस्तार
2026-10-22पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (NDLM) नागरिकों को आवश्यक डिजिटल कौशल से लैस करने के लिए स्थापित किया गया था, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रभावी ढंग से भाग ले सकें और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच सकें। यह डिजिटल इंडिया पहल का एक आधारशिला रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 22 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किए गए 'डिजिटल इंडिया 2.0' ढांचे के हिस्से के रूप में, NDLM अपनी पहुंच और पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण विस्तार करने के लिए तैयार है। अद्यतन मिशन में उन्नत डिजिटल कौशल, साइबर सुरक्षा जागरूकता और नए डिजिटल प्लेटफार्मों पर प्रशिक्षण शामिल होगा, जिसमें विशेष रूप से वंचित समुदायों और ग्रामीण आबादी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रभाव: इस विस्तार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करके डिजिटल विभाजन को पाटना है कि भारतीय आबादी का एक बड़ा वर्ग आवश्यक डिजिटल दक्षताओं से लैस हो। यह नागरिकों को शिक्षा, रोजगार और वित्तीय समावेशन के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने के लिए सशक्त करेगा, जिससे समान सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।