MeitY ने डिजिटल साक्षरता और पहुंच को बढ़ावा देने के लिए 'डिजिटल इंडिया 2.0' लॉन्च किया
2026-10-15पृष्ठभूमि: 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम 2015 में भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ऑनलाइन बुनियादी ढांचे, डिजिटल साक्षरता और ई-गवर्नेंस सेवाओं में सुधार करना था।
वर्तमान संदर्भ: 15 अक्टूबर 2026 को, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' के लॉन्च की घोषणा की। यह उन्नत पहल उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे AI और IoT में नवाचार को बढ़ावा देने, डिजिटल पैठ को गहरा करने और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। यह भविष्य के डिजिटल कार्यबल के लिए कौशल विकास और टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर देती है।
प्रभाव: डिजिटल इंडिया 2.0 से डिजिटल विभाजन को और पाटने, नए रोजगार के अवसर पैदा करने, सरकारी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने और डिजिटल क्षेत्र में भारत की स्थिति को एक वैश्विक नेता के रूप में मजबूत करने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी को सभी नागरिकों के लिए सुलभ और फायदेमंद बनाना है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल हेतु टेक फर्मों के साथ साझेदारी की
2026-10-15पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस करने के उद्देश्य से पूरे भारत में कौशल विकास पहलों को चलाने में महत्वपूर्ण रहा है। यह प्रासंगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाने के लिए विभिन्न उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग करता है।
वर्तमान संदर्भ: 14 अक्टूबर 2026 को, NSDC ने Infosys, Wipro और TCS सहित प्रमुख प्रौद्योगिकी फर्मों के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की। इस सहयोग का उद्देश्य क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर केंद्रित उन्नत प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करना और वितरित करना है। यह कार्यक्रम टेक उद्योग की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए व्यक्तियों के अपस्किलिंग और रीस्किलिंग को प्राथमिकता देगा।
प्रभाव: यह साझेदारी भारत के तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार उच्च कुशल पेशेवरों की एक पाइपलाइन बनाने के लिए तैयार है। यह रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, नवाचार को बढ़ावा देगा, और एक मजबूत प्रतिभा पूल सुनिश्चित करके 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' पहलों में योगदान देगा।