पीएमजीडीआईएसए ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है
2026-10-29पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडीआईएसए) की शुरुआत ग्रामीण भारत में नागरिकों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए की गई थी। इस योजना का उद्देश्य उन्हें विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं को ऑनलाइन एक्सेस करने के लिए बुनियादी डिजिटल कौशल से लैस करना है।
वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 तक, पीएमजीडीआईएसए ने देश भर में 6 करोड़ से अधिक व्यक्तियों का सफलतापूर्वक नामांकन किया है, जिनमें महिलाओं और हाशिए के समुदायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। व्यापक पहुंच सुनिश्चित करते हुए, योजना को कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएस) और अन्य नामित प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है।
प्रभाव: इस पहल ने ग्रामीण आबादी की डिजिटल क्षमताओं को काफी बढ़ाया है, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकें, ई-गवर्नेंस सेवाओं तक पहुंच सकें और अपनी समग्र सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। यह डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए महत्वपूर्ण है।
पीएमजीडीआईएसए विस्तार के तहत उन्नत डिजिटल कौशल पर ध्यान केंद्रित
2026-10-29पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडीआईएसए) ने शुरू में बुनियादी डिजिटल साक्षरता पर ध्यान केंद्रित किया था। हालांकि, विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य के साथ, अधिक उन्नत कौशल प्रदान करने की बढ़ती आवश्यकता है।
वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 के अंत में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने पीएमजीडीआईएसए के दायरे का विस्तार करने की योजनाओं की घोषणा की, जिसमें डिजिटल वित्तीय साक्षरता, साइबर सुरक्षा जागरूकता और स्मार्टफोन और इंटरनेट अनुप्रयोगों के बुनियादी उपयोग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण शामिल है। इस विस्तार का उद्देश्य लाभार्थियों को वर्तमान डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए प्रासंगिक कौशल से लैस करना है।
प्रभाव: यह रणनीतिक वृद्धि ग्रामीण नागरिकों को अधिक परिष्कृत डिजिटल उपकरणों और ज्ञान से सशक्त बनाएगी, जिससे वे ऑनलाइन खतरों के प्रति अधिक लचीले बनेंगे और डिजिटल क्षेत्र में भविष्य के नौकरी के अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे। यह भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा को और मजबूत करेगा।