स्वच्छ भारत मिशन - शहरी 2.0 ने शहरी अपशिष्ट प्रबंधन में नए मील के पत्थर हासिल किए
2026-10-02पृष्ठभूमि: 2021 में शुरू किया गया, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) का लक्ष्य स्थायी स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करके भारतीय शहरों को 'कचरा मुक्त' बनाना है। यह अपने पहले चरण की सफलता पर आधारित है। वर्तमान संदर्भ: 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने घोषणा की कि SBM-U 2.0 ने अपशिष्ट प्रसंस्करण में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें अब दैनिक उत्पन्न कचरे का 85% से अधिक वैज्ञानिक रूप से संसाधित किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों और अपशिष्ट-से-धन मॉडल के लिए नई पहलों पर प्रकाश डाला गया। प्रभाव: यह उपलब्धि लैंडफिल के बोझ को काफी कम करती है, पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करती है और शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करती है। यह संसाधन पुनर्प्राप्ति के माध्यम से आर्थिक अवसर भी पैदा करती है और पूरे भारत में एक स्वच्छ, हरित शहरी परिदृश्य को बढ़ावा देती है।
जल जीवन मिशन 2024 के बाद जल गुणवत्ता और स्थिरता पर केंद्रित
2026-10-02पृष्ठभूमि: अगस्त 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन (JJM) का लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना था। मिशन ने अपने प्रारंभिक लक्ष्यों को काफी हद तक हासिल कर लिया है। वर्तमान संदर्भ: 2 अक्टूबर 2026 को, जल शक्ति मंत्रालय ने JJM के लिए एक नए चरण की घोषणा की, जिसमें केवल कनेक्शन प्रदान करने से हटकर जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता और मजबूत जल गुणवत्ता निगरानी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। ग्रेवाटर प्रबंधन और जल संसाधन प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रभाव: यह रणनीतिक बदलाव पीने योग्य पानी तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करता है, जल-जनित बीमारियों को कम करता है और स्थानीय समुदायों को उनके जल संसाधनों के प्रबंधन में सशक्त बनाता है। यह ग्रामीण भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय प्रबंधन के प्रति मिशन की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।