PMKSY खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है
2026-09-16पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा पूरे भारत में मजबूत खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढाँचा बनाने के लिए शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य खेत से उपभोक्ता तक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करना है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 तक, इस योजना ने कई एकीकृत कोल्ड चेन सुविधाओं, मेगा फूड पार्कों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की सुविधा प्रदान की है। हालिया रिपोर्टों से इन पहलों के माध्यम से कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उपज के मूल्य संवर्धन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत मिलता है। प्रभाव: PMKSY भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और बेहतर बाजार संपर्क प्रदान करके और बर्बादी को कम करके किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
PMKSY के तहत मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित
2026-09-16पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई एक प्रमुख योजना है। इसका एक मुख्य उद्देश्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि वस्तुओं के मूल्य को बढ़ाना है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 तक के वर्तमान वित्तीय वर्ष में, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने मूल्य संवर्धन की सुविधा प्रदान करने वाली प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है। इसमें रेडी-टू-ईट उत्पाद, प्रसंस्कृत फल और सब्जियां, और अन्य उच्च-मूल्य वाले खाद्य पदार्थ विकसित करने को बढ़ावा देना शामिल है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए योजना के तहत कई नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मंजूरी दी गई है। प्रभाव: मूल्य संवर्धन पर इस ध्यान से भारतीय खाद्य उत्पादों की निर्यात क्षमता को काफी बढ़ावा मिलने, प्रसंस्करण क्षेत्र में अधिक कुशल रोजगार सृजित होने और कच्चे कृषि उत्पादों को उच्च-मूल्य वाले सामानों में परिवर्तित करके किसानों के लिए बेहतर रिटर्न सुनिश्चित होने की उम्मीद है।