भारत ने राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का शुभारंभ किया
2026-10-21पृष्ठभूमि: भारत समृद्ध जैव विविधता वाला देश है, लेकिन इसे आवास हानि, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से खतरों का सामना करना पड़ता है। पिछली रणनीतियों ने आधार तैयार किया है। वर्तमान संदर्भ: 21 अक्टूबर 2026 को, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने "राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026" का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य 2020 के बाद के वैश्विक जैव विविधता ढांचे के लक्ष्यों को प्राप्त करना है। यह रणनीति सामुदायिक भागीदारी, सतत संसाधन उपयोग और पारिस्थितिकी तंत्र बहाली पर जोर देती है। प्रभाव: इस व्यापक रणनीति से भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों में उल्लेखनीय वृद्धि होने, पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने और वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों में योगदान करने की उम्मीद है। यह अगले दशक के लिए नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन का मार्गदर्शन करेगी, जिससे एक हरित भविष्य को बढ़ावा मिलेगा।
प्रोजेक्ट टाइगर के 50वें वर्ष के लक्ष्यों पर प्रगति
2026-10-21पृष्ठभूमि: 1973 में शुरू किया गया प्रोजेक्ट टाइगर 2023 में 50 वर्ष पूरे कर चुका है, जिसने बाघ संरक्षण और आवास विस्तार के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए थे। वर्तमान संदर्भ: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक मध्य-अवधि समीक्षा बैठक में 50वें वर्ष के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला गया। कई नए बाघ गलियारे चिन्हित और सुरक्षित किए गए हैं, और स्थानीय समुदाय अवैध शिकार विरोधी प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिससे प्रमुख अभयारण्यों में बाघों की आबादी स्थिर हुई है। प्रभाव: सकारात्मक समीक्षा बाघ संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, राष्ट्रीय पशु और उसके आवासों की रक्षा में प्रभावी रणनीतियों का प्रदर्शन करती है। यह प्रगति समग्र वन पारिस्थितिकी तंत्र और अन्य वन्यजीव प्रजातियों को भी लाभ पहुंचाती है, जिससे पारिस्थितिक अखंडता मजबूत होती है।