NGT ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के कड़ाई से अनुपालन का निर्देश दिया
2026-10-15पृष्ठभूमि: प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) इसके कार्यान्वयन की निगरानी कर रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 15 अक्टूबर, 2026 तक, NGT ने सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित अधिकारियों को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त निर्देश जारी किया है। इसमें एकल-उपयोग प्लास्टिक पर विशेष ध्यान देने के साथ, बेहतर संग्रह, पृथक्करण और पुनर्चक्रण तंत्र शामिल हैं।
प्रभाव: इस तीव्र प्रवर्तन से प्लास्टिक प्रदूषण में काफी कमी आने, अपशिष्ट प्रबंधन के बुनियादी ढांचे में सुधार होने और प्लास्टिक के लिए एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा होगी।
NGT ने अनियंत्रित औद्योगिक बहिःस्राव के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य की
2026-10-15पृष्ठभूमि: औद्योगिक बहिःस्राव, यदि निर्वहन से पहले ठीक से उपचारित न किया जाए, तो जल निकायों और जलीय जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करते हैं।
वर्तमान संदर्भ: 14 अक्टूबर, 2026 को, NGT ने नदियों और अन्य जल स्रोतों में अनुपचारित औद्योगिक बहिःस्राव के निर्वहन पर गंभीर चिंता व्यक्त की। इसने उद्योगों को व्यापक बहिःस्राव उपचार संयंत्र (ETPs) स्थापित करने और चालू करने का निर्देश दिया है और गैर-अनुपालन के लिए बंद करने सहित कठोर दंड की चेतावनी दी है।
प्रभाव: इस निर्देश का उद्देश्य जल प्रदूषण को रोकना, जलीय पारिस्थितिक तंत्र में जैव विविधता की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि उद्योग पर्यावरणीय मानकों का पालन करें, जिससे समुदायों के लिए स्वच्छ जल संसाधन प्राप्त हों।