भारत ने क्षेत्रीय जैव विविधता संरक्षण पहल शुरू की
2026-10-05पृष्ठभूमि: भारत कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क का हस्ताक्षरकर्ता है, जिसका उद्देश्य जैव विविधता के नुकसान को रोकना है। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 तक, पर्यावरण मंत्रालय ने स्थानिक प्रजातियों की रक्षा के लिए पश्चिमी घाट और हिमालयी गलियारों पर केंद्रित एक नई क्षेत्रीय पहल शुरू की है। यह कार्यक्रम समुदाय-आधारित संरक्षण और आवास कनेक्टिविटी पर जोर देता है। प्रभाव: इस पहल से पारिस्थितिक गलियारों को मजबूत करने, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और लुप्तप्राय वनस्पतियों और जीवों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने की उम्मीद है, जो 2030 तक पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने की भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
राष्ट्रीय आर्द्रभूमि बहाली अभियान की शुरुआत
2026-10-05पृष्ठभूमि: आर्द्रभूमि जल शोधन और कार्बन पृथक्करण के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शहरीकरण से इन्हें खतरा है। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 की शुरुआत में, सरकार ने शीतकालीन प्रवासी पक्षियों के आगमन से पहले खराब हो चुकी आर्द्रभूमि को बहाल करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इस परियोजना में प्रमुख रामसर स्थलों में गाद निकालना, आक्रामक प्रजातियों को हटाना और तटबंधों को मजबूत करना शामिल है। प्रभाव: यह अभियान आर्द्रभूमि की वहन क्षमता को बढ़ाएगा, भूजल पुनर्भरण में सुधार करेगा और प्रवासी प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आवास प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और इन जलीय पारिस्थितिक तंत्रों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को समर्थन मिलेगा।