भारत के राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने नई नागरिक विज्ञान पहल शुरू की
2026-09-16पृष्ठभूमि: भारत का राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य जैविक विविधता पर कन्वेंशन के उद्देश्यों को लागू करना है। इसके अधिदेश में संरक्षण, जैविक संसाधनों का सतत उपयोग और उनके उपयोग से होने वाले लाभों का उचित बंटवारा शामिल है।
वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 में, NBA ने जैव विविधता की निगरानी और डेटा संग्रह को बढ़ाने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी नागरिक विज्ञान पहल शुरू की। यह कार्यक्रम नागरिकों, छात्रों और शोधकर्ताओं को स्थानीय वनस्पतियों और जीवों का दस्तावेजीकरण करने, आक्रामक प्रजातियों की रिपोर्ट करने और एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संरक्षण प्रयासों में योगदान करने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
प्रभाव: इस पहल से भारत भर में वास्तविक समय के जैव विविधता डेटा के संग्रह में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है, जो बेहतर नीति-निर्माण, संरक्षण योजना और जैव विविधता संरक्षण के महत्व के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने में सहायता करेगा।
सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम चरण II को मंजूरी दी
2026-09-16पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) 2019 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2017 के स्तरों की तुलना में 2024 तक पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) की सांद्रता को 20-30% तक कम करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। इसने देश भर में 131 गैर-प्राप्ति शहरों की पहचान की थी।
वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 के मध्य में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के चरण II के लिए अपनी मंजूरी दे दी। इस विस्तारित चरण का उद्देश्य वायु प्रदूषण के स्तर में और कमी लाना है, जिसमें बढ़ी हुई लक्ष्य और व्यापक दायरा शामिल है, जिसमें संभावित रूप से अधिक शहर शामिल होंगे और विशिष्ट औद्योगिक और वाहनों के उत्सर्जन नियंत्रण उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नया चरण संभवतः 2027-28 तक चलेगा।
प्रभाव: NCAP का चरण II भारत में वायु गुणवत्ता की लगातार चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार, श्वसन रोगों से जुड़ी स्वास्थ्य देखभाल लागत में कमी और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके भारत के जलवायु परिवर्तन शमन प्रयासों में योगदान की उम्मीद है।