RBI ने पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण बढ़ाने के लिए नए डिजिटल लेंडिंग दिशानिर्देश जारी किए
2026-10-28पृष्ठभूमि: भारत में डिजिटल ऋण देने वाले प्लेटफार्मों के तेजी से विकास ने पारदर्शिता, डेटा गोपनीयता और संभावित शिकारी प्रथाओं के संबंध में चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) इस क्षेत्र की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 28 अक्टूबर, 2026 को, RBI ने सभी डिजिटल ऋण सेवा प्रदाताओं के लिए व्यापक दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया। इन दिशानिर्देशों में सख्त ग्राहक पहचान (KYC) मानदंडों को अनिवार्य किया गया है, डेटा उपयोग के लिए स्पष्ट सहमति की आवश्यकता है, और छिपी हुई शुल्कों को जन्म देने वाली सभी लागत कैप को प्रतिबंधित किया गया है। वे एक स्पष्ट और सुलभ शिकायत निवारण तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर देते हैं।
प्रभाव: इन नियमों से डिजिटल ऋण संचालन में अधिक जवाबदेही आने, उधारकर्ताओं को अनुचित प्रथाओं से बचाने और एक अधिक भरोसेमंद डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की उम्मीद है। इससे संभवतः एक अधिक स्थिर और विनियमित फिनटेक ऋण क्षेत्र का निर्माण होगा।