आरबीआई ने तरलता प्रबंधन पर सतर्क रुख बरकरार रखा
2026-10-26पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति और विकास को संतुलित करने के लिए प्रणालीगत तरलता का प्रबंधन करता है। वर्तमान संदर्भ: 26 अक्टूबर 2026 तक, आरबीआई ने खाद्य और ऊर्जा क्षेत्रों में लगातार मुद्रास्फीति के दबाव को दूर करने के लिए अपने समायोजन को वापस लेने का रुख जारी रखा है। केंद्रीय बैंक उन वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों की निगरानी कर रहा है जो घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित करते हैं। प्रभाव: यह नीति सुनिश्चित करती है कि बैंकिंग प्रणाली स्थिर रहे और अत्यधिक मुद्रा आपूर्ति को रोका जा सके, जिससे चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखने का उद्देश्य पूरा हो सके।
भारत का विनिर्माण क्षेत्र लचीलापन दिखा रहा है
2026-10-26पृष्ठभूमि: विनिर्माण क्षेत्र 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत की जीडीपी विकास रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ है। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 के अंत में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) विस्तार क्षेत्र में बना हुआ है। वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव के बावजूद, घरेलू खपत और सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में वृद्धि ने औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा दिया है। प्रभाव: विनिर्माण में निरंतर वृद्धि से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने और उच्च प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे 2026 की अंतिम तिमाही में एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी।