अक्टूबर 2026 के लिए आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा
2026-10-02पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक स्थिति का आकलन करने और प्रमुख ब्याज दरों तथा तरलता उपायों के संबंध में निर्णय लेने के लिए द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा आयोजित करता है। ये समीक्षाएं मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, आर्थिक विकास का समर्थन करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) से अक्टूबर 2026 की शुरुआत में अपनी बैठक के बाद नवीनतम निर्णयों की घोषणा करने की उम्मीद थी। बाजार के प्रतिभागी और अर्थशास्त्री परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, विशेष रूप से रेपो दर और मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण के संबंध में। प्रभाव: आरबीआई एमपीसी द्वारा लिए गए निर्णयों का उधार दरों, निवेश और समग्र आर्थिक गतिविधि पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। नीतिगत दरों में कोई भी बदलाव व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए उधार लेने की लागत को सीधे प्रभावित करता है, जिससे ऋण वृद्धि और बाजार की भावना प्रभावित होती है। NEEDS_REVIEW
सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए नए प्रोत्साहन की घोषणा की
2026-10-02पृष्ठभूमि: बुनियादी ढांचा विकास भारत की आर्थिक विकास रणनीति का एक आधारशिला है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, रोजगार सृजित करना और निवेश आकर्षित करना है। सरकार ने लगातार सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: आर्थिक गतिविधि को और तेज करने और संभावित मंदी को दूर करने के लिए, सरकार से विशेष रूप से बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लक्षित करते हुए एक नए प्रोत्साहन पैकेज का अनावरण करने की उम्मीद थी। इस पहल का उद्देश्य ताजा पूंजी डालना और परियोजना निष्पादन को सुव्यवस्थित करना था। प्रभाव: ऐसे प्रोत्साहन पैकेज से निर्माण सामग्री, मशीनरी और श्रम की मांग में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे विभिन्न सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। यह रसद दक्षता में भी सुधार करेगा, व्यावसायिक लागत को कम करेगा और वैश्विक मंच पर भारत की समग्र प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा। NEEDS_REVIEW