आरबीआई ने अक्टूबर 2026 की समीक्षा में रेपो दर 6.5% पर स्थिर रखी
2026-10-16पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर रेपो दर की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय घरेलू मांग का समर्थन करते हुए मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रभाव: यह स्थिरता उधारकर्ताओं और बैंकों को निश्चितता प्रदान करती है, जिससे ऋण दरें अनुमानित बनी रहती हैं। यह वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के प्रति आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।
नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देश उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करते हैं
2026-10-16पृष्ठभूमि: फिनटेक प्लेटफॉर्म के उदय ने डिजिटल ऋण प्रथाओं की सख्त निगरानी की आवश्यकता पैदा की ताकि शोषणकारी व्यवहार को रोका जा सके। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 तक, आरबीआई ने डिजिटल ऋण ऐप्स के लिए अद्यतन दिशानिर्देश लागू किए हैं, जिसमें विनियमित संस्थाओं और उधारकर्ताओं के बीच सीधे फंड ट्रांसफर को अनिवार्य किया गया है। ये नियम तीसरे पक्ष के मध्यस्थों को ऋण निधि को संभालने से रोकते हैं। प्रभाव: ये उपाय पारदर्शिता को काफी बढ़ाते हैं और डेटा गोपनीयता उल्लंघन के जोखिम को कम करते हैं। सभी लेनदेन विनियमित चैनलों के माध्यम से सुनिश्चित करके, आरबीआई खुदरा उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास पैदा करना चाहता है।