आरबीआई ने अक्टूबर 2026 की नीति में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-10-10पृष्ठभूमि: मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति और विकास को प्रबंधित करने के लिए प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने हेतु द्वि-मासिक बैठक करती है। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 की समीक्षा में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और घरेलू मुद्रास्फीति के दबाव के बीच एक सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: यह स्थिरता सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा ऋण ब्याज दरें स्थिर रहें, जिससे उधारकर्ताओं और व्यवसायों को पूर्वानुमान मिलता है। इसका उद्देश्य चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास का समर्थन करते हुए 4% मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करना है।
नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों का कार्यान्वयन
2026-10-10पृष्ठभूमि: फिनटेक के उदय के साथ, आरबीआई ने शोषणकारी प्रथाओं को रोकने के लिए डिजिटल ऋण ऐप्स को विनियमित करने हेतु दिशानिर्देश पेश किए। वर्तमान संदर्भ: अक्टूबर 2026 तक, आरबीआई ने डेटा गोपनीयता और ऋण प्रकटीकरण में पारदर्शिता के संबंध में सभी विनियमित संस्थाओं (REs) के लिए सख्त अनुपालन अनिवार्य कर दिया है। ये अपडेट ऋणदाताओं को सभी उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'की फैक्ट स्टेटमेंट' (KFS) प्रदान करने के लिए बाध्य करते हैं। प्रभाव: ये उपाय अनधिकृत डेटा संग्रह को रोककर और यह सुनिश्चित करके कि उधारकर्ता ऋण की कुल लागत के बारे में पूरी तरह जागरूक हैं, उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाते हैं।