LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

बैंकिंग और वित्त करेंट अफेयर्स: आरबीआई नीति, डिजिटल रुपया (सितंबर 2026)

आरबीआई की सितंबर 2026 की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा
2026-09-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आर्थिक स्थितियों का आकलन करने और प्रमुख ब्याज दरों को समायोजित करने के लिए नियमित रूप से द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा करता है। ये समीक्षाएँ मुद्रास्फीति के प्रबंधन, वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मौद्रिक नीति समिति (MPC) विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों पर विचार-विमर्श करती है। वर्तमान संदर्भ: एमपीसी ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी नवीनतम समीक्षा संपन्न की। रेपो दर, रिवर्स रेपो दर और अन्य तरलता उपायों सहित इस समीक्षा का परिणाम NEEDS_REVIEW है। विश्लेषक NEEDS_REVIEW के कारण NEEDS_REVIEW की उम्मीद कर रहे थे। प्रभाव: नीतिगत निर्णयों से उधार दरों, निवेश के माहौल और समग्र बाजार धारणा को प्रभावित करने की उम्मीद है। NEEDS_REVIEW का रुख NEEDS_REVIEW जैसे क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जबकि NEEDS_REVIEW दृष्टिकोण NEEDS_REVIEW को प्रोत्साहित कर सकता है। मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालिक निहितार्थों की बारीकी से निगरानी की जाएगी।
आरबीआई ने डिजिटल रुपया (ई-रुपया) पायलट कार्यक्रम का विस्तार अधिक शहरों में किया
2026-09-29
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC), डिजिटल रुपया (ई-रुपया), को थोक और खुदरा दोनों खंडों में एक पायलट परियोजना के रूप में लॉन्च किया। इसका उद्देश्य डिजिटल मुद्रा के लाभों, जैसे दक्षता, सुरक्षा और वित्तीय समावेशन का पता लगाना है, साथ ही इसकी परिचालन चुनौतियों को समझना भी है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 के अंत तक, आरबीआई ने अपने ई-रुपया पायलट कार्यक्रम का विस्तार NEEDS_REVIEW अतिरिक्त शहरों और NEEDS_REVIEW अधिक बैंकों को शामिल करने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य उपयोगकर्ता अपनाने को व्यापक बनाना और डिजिटल मुद्रा बुनियादी ढांचे की मापनीयता का परीक्षण करना है। नए शहरों और भाग लेने वाले बैंकों के विशिष्ट विवरण NEEDS_REVIEW हैं। प्रभाव: यह विस्तार ई-रुपया के संभावित राष्ट्रव्यापी रोलआउट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलने, नकदी पर निर्भरता कम होने और पारंपरिक भुगतान विधियों का एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करने की उम्मीद है। बढ़ी हुई भागीदारी उपयोगकर्ता अनुभव और तकनीकी सुदृढ़ता में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests