'विरासत-ए-भारत' डिजिटल पुरालेख का शुभारंभ
2026-10-19पृष्ठभूमि: भारत के पास मौखिक परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं सहित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का एक विशाल भंडार है। वर्तमान संदर्भ: 18 अक्टूबर 2026 को, संस्कृति मंत्रालय ने 'विरासत-ए-भारत' लॉन्च किया, जो एआई-संचालित मेटाडेटा टैगिंग का उपयोग करके इन परंपराओं को प्रलेखित और संरक्षित करने के लिए एक व्यापक डिजिटल पुरालेख है। प्रभाव: यह पहल यह सुनिश्चित करेगी कि दुर्लभ लोक कला रूप और मौखिक इतिहास वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं और जनता के लिए सुलभ हों। यह भारत की सांस्कृतिक स्मृति को डिजिटाइज़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लुप्त हो रही पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को बचाने में मदद करेगा।
विदर्भ में नए महापाषाण दफन स्थलों की खोज
2026-10-19पृष्ठभूमि: विदर्भ क्षेत्र लौह युग के महापाषाण स्थलों के लिए जाना जाता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 17 अक्टूबर 2026 को चंद्रपुर जिले में कई नए महापाषाण दफन स्थलों की खोज की सूचना दी। इन स्थलों में अद्वितीय पत्थर के घेरे और लोहे के उपकरण मिले हैं। प्रभाव: ये निष्कर्ष मध्य भारत में प्रारंभिक कृषि समाजों के सामाजिक स्तरीकरण और दफन अनुष्ठानों के बारे में नए प्रमाण प्रदान करते हैं। इस खोज से दक्कन के पठार में नवपाषाण काल से लौह युग में संक्रमण की हमारी समझ को और बेहतर बनाने की उम्मीद है।