संस्कृति मंत्रालय ने 'विरासत-ए-भारत' डिजिटल आर्काइव लॉन्च किया
2026-10-03पृष्ठभूमि: भारत के पास विभिन्न क्षेत्रीय पुस्तकालयों में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों का एक विशाल संग्रह है। वर्तमान संदर्भ: 2 अक्टूबर 2026 को, संस्कृति मंत्रालय ने इन दुर्लभ दस्तावेजों को डिजिटल बनाने और संरक्षित करने के लिए 'विरासत-ए-भारत' परियोजना शुरू की। इस पहल का उद्देश्य दुनिया भर के शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए एक केंद्रीकृत, खोजने योग्य डेटाबेस बनाना है। प्रभाव: यह परियोजना भारत की बौद्धिक विरासत तक पहुंच को काफी बढ़ाएगी, पर्यावरणीय कारकों के कारण नाजुक पांडुलिपियों के नुकसान को रोकेगी और सुनिश्चित करेगी कि भावी पीढ़ियां इन प्राथमिक स्रोतों का अध्ययन कर सकें।
एएसआई ने ओडिशा में 12वीं सदी के मंदिर परिसर की खोज की
2026-10-03पृष्ठभूमि: ओडिशा अपनी कलिंग शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसके कई स्थल अभी भी तलछट के नीचे दबे हुए हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 3 अक्टूबर 2026 को जाजपुर जिले में 12वीं सदी के एक महत्वपूर्ण मंदिर परिसर की खोज की सूचना दी। खुदाई में पूर्वी गंगा राजवंश के समय की जटिल पत्थर की नक्काशी और शिलालेख मिले हैं। प्रभाव: यह खोज मध्यकालीन ओडिशा के सामाजिक-धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने और इतिहासकारों को कलिंग शैली के विकास के बारे में नया डेटा मिलने की उम्मीद है।