LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

भारत की कला और संस्कृति: जीआई टैग, विरासत स्थल और सांस्कृतिक संरक्षण

नकली उत्पादों से निपटने के प्रयासों के बीच कश्मीरी पश्मीना को जीआई टैग मिला
2026-09-28
पृष्ठभूमि: कश्मीरी पश्मीना, अपनी कोमलता और गर्माहट के लिए प्रसिद्ध, सदियों से एक मूल्यवान वस्त्र रहा है। हालांकि, बाजार नकली उत्पादों से भर गया है, जिससे इसका मूल्य कम हो गया है और असली कारीगरों को नुकसान हुआ है। वर्तमान संदर्भ: भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री ने कश्मीरी पश्मीना को आधिकारिक तौर पर भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया है। इस मान्यता से इसकी प्रामाणिकता की रक्षा होने और यह सुनिश्चित होने की उम्मीद है कि कश्मीर घाटी में बने केवल असली उत्पाद ही इस नाम का उपयोग कर सकें। प्रभाव: जीआई टैग उपभोक्ताओं को असली पश्मीना की पहचान करने में मदद करेगा, उचित मूल्य सुनिश्चित करके स्थानीय बुनकरों और कारीगरों की आजीविका को बढ़ावा देगा, और धोखाधड़ी वाली प्रथाओं के खिलाफ पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करेगा। यह क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा देता है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बिहार में प्राचीन बौद्ध मठ का किया अनावरण
2026-09-28
पृष्ठभूमि: भारत के पास एक विशाल और समृद्ध पुरातात्विक विरासत है, जिसमें अनगिनत स्थल इसके प्राचीन अतीत की जानकारी प्रदान करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इन स्थलों की खुदाई और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: बिहार के वैशाली जिले में हाल ही में हुई खुदाई के दौरान, एएसआई टीमों ने एक महत्वपूर्ण प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेषों की खोज की है। प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि मठ गुप्त काल का है और इसमें जटिल नक्काशी और कलाकृतियाँ शामिल हैं। प्रभाव: यह खोज ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो संभावित रूप से बौद्ध धर्म के प्रसार और गुप्त युग की स्थापत्य शैलियों पर नई रोशनी डाल सकती है। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने और भारत की प्राचीन धार्मिक और कलात्मक परंपराओं पर आगे के शोध की उम्मीद है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests