पीएम-ईबस सेवा योजना का टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तार
2026-05-15पृष्ठभूमि: पीएम-ईबस सेवा योजना भारतीय शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को तैनात करके शहरी सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। यह स्थायी गतिशीलता समाधानों को सुविधाजनक बनाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर केंद्रित है।
वर्तमान संदर्भ: 14 मई, 2026 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-ईबस सेवा के महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दी, जिसमें 150 टियर-2 और टियर-3 शहरों में 10,000 अतिरिक्त ई-बसों की तैनाती को अधिकृत किया गया। यह चरण सुव्यवस्थित खरीद प्रक्रियाओं और निजी क्षेत्र की बढ़ी हुई भागीदारी के माध्यम से तेजी से कार्यान्वयन पर जोर देता है।
प्रभाव: यह विस्तार शहरी कनेक्टिविटी में भारी सुधार करेगा, वायु प्रदूषण को कम करेगा और हरित गतिशीलता को बढ़ावा देगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई नौकरियां पैदा होने, घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने और भारत के जलवायु कार्य लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'ग्रामीण उद्यम प्रोत्साहन योजना' का शुभारंभ किया
2026-05-15पृष्ठभूमि: भारत ने क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और अपनी ग्रामीण आबादी के बीच आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। पिछली पहलों ने गांवों में सूक्ष्म-उद्यमों और कौशल विकास का समर्थन करने के लिए आधार तैयार किया है।
वर्तमान संदर्भ: 13 मई, 2026 को, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर 'ग्रामीण उद्यम प्रोत्साहन योजना' का शुभारंभ किया। यह नई योजना ग्रामीण उद्यमियों, विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कारीगरों के लिए रियायती ऋण, उन्नत कौशल प्रशिक्षण और मजबूत बाजार संपर्क सहित व्यापक सहायता प्रदान करती है।
प्रभाव: यह योजना स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करके, स्थानीय शिल्पों और उत्पादों को बढ़ावा देकर, और हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य ग्रामीण-शहरी प्रवासन को कम करना, आय के स्तर को बढ़ाना और समावेशी राष्ट्रीय आर्थिक विकास में योगदान करना है।