पीएम-कुसुम योजना का विस्तार: चरण IV का शुभारंभ
2026-05-01पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) 2019 में किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने और कृषि क्षेत्र को डीजल मुक्त करने के लिए शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 1 मई 2026 को, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने चरण IV की घोषणा की, जिसका लक्ष्य भारत भर में 50,000 कृषि फीडरों का 100% सौरकरण करना है। यह चरण उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए बढ़ी हुई सब्सिडी पेश करता है। प्रभाव: यह विस्तार डिस्कॉम पर बिजली सब्सिडी के बोझ को काफी कम करेगा और किसानों को विश्वसनीय दिन के समय बिजली प्रदान करेगा। यह किसानों को अधिशेष सौर ऊर्जा ग्रिड को वापस बेचने में भी सक्षम बनाता है, जिससे अतिरिक्त आय का स्रोत बनता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है।
मिशन शक्ति 2.0: जिला स्तरीय शक्ति हब का शुभारंभ
2026-05-01पृष्ठभूमि: मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक योजना है, जिसमें 'संभल' और 'सामर्थ्य' उप-योजनाएं शामिल हैं। वर्तमान संदर्भ: 1 मई 2026 को, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 750 जिलों में 'शक्ति हब' को क्रियान्वित किया। ये हब महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए डिजिटल साक्षरता, वित्तीय परामर्श और क्रेडिट लिंकेज प्रदान करने वाले एकीकृत सहायता केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं। प्रभाव: संसाधनों को केंद्रीकृत करके, इस पहल का लक्ष्य 2028 तक महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) को 40% तक बढ़ाना है। यह डिजिटल अंतर को पाटकर और संस्थागत ऋण तथा कानूनी सुरक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करके जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाता है।
पीएम-आवास योजना (शहरी) 2.0: 2030 के लिए नए लक्ष्य
2026-05-01पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2015 में सभी पात्र शहरी परिवारों को पक्के घर प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। वर्तमान संदर्भ: 1 मई 2026 तक, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMAY-U 2.0 के रूप में योजना के विस्तार को मंजूरी दी, जिसमें 2030 तक EWS, LIG और मध्यम आय समूहों के लिए 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रभाव: यह कदम टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से शहरीकरण और आवास की कमी को दूर करता है। योजना 'हरित निर्माण' प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करती है, जो जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देती है। इससे निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण रोजगार पैदा होने और स्टील तथा सीमेंट जैसे 250 से अधिक सहायक उद्योगों में मांग बढ़ने की उम्मीद है।