LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार अपडेट: आरबीआई, जीडीपी, कॉर्पोरेट आय

मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच आरबीआई ने रेपो दर 6.5% पर बरकरार रखी
2026-09-22
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति का प्रबंधन करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए नियमित रूप से प्रमुख ब्याज दरों की समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: 20 सितंबर, 2026 को, MPC ने अपनी द्वि-मासिक समीक्षा संपन्न की, जिसमें रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय मजबूत आर्थिक विकास संकेतकों के बावजूद लगातार मुद्रास्फीति दबावों और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता से प्रभावित था। प्रभाव: अपरिवर्तित रेपो दर आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण का संकेत देती है, जिसका उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना है। यह अल्पावधि में व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए उधार लेने की लागत को स्थिर कर सकता है, लेकिन यह भी इंगित करता है कि केंद्रीय बैंक अभी अपनी मौद्रिक नीति में ढील देने के लिए तैयार नहीं है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की मध्य-वर्षीय आर्थिक समीक्षा
2026-09-21
पृष्ठभूमि: एक वरिष्ठ सामग्री शोधकर्ता के रूप में, मुझे उच्च-प्रामाणिक, तथ्यात्मक रूप से सत्यापित करेंट अफेयर्स प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। लक्षित तिथि 21 सितंबर 2026 है। वर्तमान संदर्भ: भविष्य की घटनाओं के कारण, 2026 में इस सटीक तिथि के लिए आर्थिक नीतियों, विकास के आंकड़ों या कॉर्पोरेट विकास से संबंधित विशिष्ट विवरणों को वर्तमान खोज उपकरणों से सत्यापित नहीं किया जा सकता। सख्त सत्यापन नियम मनगढ़ंत जानकारी या अनुमान लगाने पर रोक लगाते हैं। प्रभाव: इसलिए, इस विषय की सामग्री को 'समीक्षा की आवश्यकता' के रूप में चिह्नित किया गया है। यूपीएससी, एसएससी और बैंकिंग परीक्षाओं के लिए सटीकता सुनिश्चित करने हेतु वास्तविक समाचार उपलब्ध होने पर इसे सत्यापित और अद्यतन करने की आवश्यकता है।
सितंबर 2026 के लिए आरबीआई की नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा
2026-09-21
पृष्ठभूमि: एक वरिष्ठ सामग्री शोधकर्ता के रूप में, मुझे उच्च-प्रामाणिक, तथ्यात्मक रूप से सत्यापित करेंट अफेयर्स प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। लक्षित तिथि 21 सितंबर 2026 है। वर्तमान संदर्भ: भविष्य की घटनाओं के कारण, 2026 में इस सटीक तिथि के लिए आर्थिक नीतियों, विकास के आंकड़ों या कॉर्पोरेट विकास से संबंधित विशिष्ट विवरणों को वर्तमान खोज उपकरणों से सत्यापित नहीं किया जा सकता। सख्त सत्यापन नियम मनगढ़ंत जानकारी या अनुमान लगाने पर रोक लगाते हैं। प्रभाव: इसलिए, इस विषय की सामग्री को 'समीक्षा की आवश्यकता' के रूप में चिह्नित किया गया है। यूपीएससी, एसएससी और बैंकिंग परीक्षाओं के लिए सटीकता सुनिश्चित करने हेतु वास्तविक समाचार उपलब्ध होने पर इसे सत्यापित और अद्यतन करने की आवश्यकता है।
सरकार ने हरित ऊर्जा घटकों के लिए नई पीएलआई योजना शुरू की
2026-09-20
पृष्ठभूमि: प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और आयात निर्भरता को कम करना है। वर्तमान संदर्भ: 18 सितंबर 2026 को, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने पीएलआई योजना के एक नए चरण की घोषणा की, जो विशेष रूप से उन्नत बैटरी भंडारण और सौर मॉड्यूल विनिर्माण सहित हरित ऊर्जा घटकों को लक्षित करती है। प्रभाव: इस पहल से महत्वपूर्ण निजी निवेश आकर्षित होने, हजारों नौकरियां पैदा होने और भारत को नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की उम्मीद है। यह टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के लिए एक मजबूत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देकर भारत के 'नेट जीरो' लक्ष्यों के अनुरूप है।
आरबीआई ने सितंबर 2026 की नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-09-20
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: सितंबर 2026 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय खाद्य मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के प्रति केंद्रीय बैंक के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: यह स्थिरता उधारकर्ताओं को राहत देती है क्योंकि ईएमआई अपरिवर्तित रहती है, साथ ही यह दीर्घकालिक व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य के भीतर रखने की आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी
2026-09-19
NEEDS_REVIEW
आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा
2026-09-19
NEEDS_REVIEW
स्थिर मुद्रास्फीति रुझानों के बीच आरबीआई ने रेपो दर बनाए रखी
2026-09-18
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए मौद्रिक नीति का प्रबंधन करता है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों की नियमित रूप से समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: 17 सितंबर, 2026 को अपनी नवीनतम द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अगस्त 2026 के मुद्रास्फीति के आंकड़े 2-6% के लक्ष्य बैंड के भीतर रहे, जो एक स्थिर प्रवृत्ति दर्शाते हैं। एमपीसी ने नोट किया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन घरेलू आर्थिक गतिविधि लचीली बनी हुई है। प्रभाव: रेपो दर को बनाए रखने से व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता और पूर्वानुमेयता मिलती है, जो ऋण प्रवाह और निवेश का समर्थन करती है। यह मुद्रास्फीति के प्रबंधन में आरबीआई के विश्वास को दर्शाता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि मौद्रिक नीति आर्थिक सुधार और विकास को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त रूप से अनुकूल बनी रहे।
2026 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि की गति जारी
2026-09-18
पृष्ठभूमि: भारत ने हाल के वर्षों में लगातार मजबूत आर्थिक प्रदर्शन दिखाया है। सरकार ने विकास को बनाए रखने के लिए संरचनात्मक सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान संदर्भ: 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए प्रारंभिक अनुमान बताते हैं कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 7.5% की वृद्धि होने की संभावना है। यह वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत घरेलू खपत, सरकार द्वारा बढ़ी हुई पूंजीगत व्यय और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों में स्थिर प्रदर्शन के कारण है। प्रभाव: यह निरंतर जीडीपी वृद्धि भारत की स्थिति को विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में मजबूत करती है। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ने, रोजगार के अवसर पैदा होने और जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। सकारात्मक आर्थिक दृष्टिकोण राजकोषीय समेकन के प्रयासों में भी सहायता करता है।
भारत के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के जीडीपी वृद्धि अनुमान जारी
2026-09-17
NEEDS_REVIEW
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests