LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम अपडेट - सितंबर 2026

सरकार 'पीएम ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' लॉन्च करेगी
2026-09-23
NEEDS_REVIEW
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का विस्तार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को कवर करेगा
2026-09-23
NEEDS_REVIEW
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं के लिए नए 'ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम' की घोषणा
2026-09-23
NEEDS_REVIEW
RBI ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-09-23
पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उपयोगकर्ता का विश्वास बनाने और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों की सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। इसमें टोकनाइजेशन और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए दिशानिर्देश विकसित करना शामिल है। वर्तमान संदर्भ: 23 सितंबर, 2026 तक, RBI ने सभी डिजिटल लेनदेन प्लेटफार्मों के लिए बढ़ी हुई सुरक्षा उपायों को अनिवार्य करते हुए अद्यतन दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें ग्राहक सत्यापन और वास्तविक समय धोखाधड़ी निगरानी के लिए सख्त प्रोटोकॉल शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अनधिकृत लेनदेन की घटनाओं को कम करना है। प्रभाव: इन उपायों से भारत में डिजिटल भुगतानों की सुरक्षा में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों को वित्तीय नुकसान से बचाया जा सकेगा। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक विश्वास भी पैदा करेगा, जिससे डिजिटल भुगतान विधियों को व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक परिदृश्य के बीच RBI ने प्रमुख नीतिगत दरों की समीक्षा की
2026-09-23
पृष्ठभूमि: RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए रेपो दर जैसी प्रमुख ब्याज दरों की नियमित रूप से समीक्षा करती है। ये निर्णय अर्थव्यवस्था में ऋण दरों और समग्र तरलता को प्रभावित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: 22 सितंबर, 2026 को, RBI की MPC ने अपनी समीक्षा बैठक संपन्न की। हालांकि दर परिवर्तनों की घोषणा अभी बाकी है, बाजार विश्लेषकों को आर्थिक गति को बनाए रखने की आवश्यकता के साथ मुद्रास्फीति नियंत्रण को संतुलित करते हुए एक सतर्क दृष्टिकोण की उम्मीद है। मुद्रास्फीति का दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं प्रमुख कारक हैं जिन पर विचार किया जा रहा है। प्रभाव: नीतिगत दरों पर कोई भी निर्णय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत पर सीधा प्रभाव डालेगा, जिससे निवेश और उपभोग पैटर्न प्रभावित होंगे। एक स्थिर या समायोजित दर वातावरण पूर्वानुमानित आर्थिक योजना और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
वित्तीय समावेशन अभियान में ग्रामीण पैठ में वृद्धि देखी गई
2026-09-23
पृष्ठभूमि: भारत सरकार और RBI ने वित्तीय समावेशन का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी नागरिकों को बैंकिंग, क्रेडिट, बीमा और भुगतान जैसी आवश्यक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हो। वर्तमान संदर्भ: 21 सितंबर, 2026 को जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष की तुलना में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन मेट्रिक्स में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वृद्धि का श्रेय बैंकिंग संवाददाता नेटवर्क के विस्तार, जन धन खातों को अपनाने में वृद्धि और लक्षित डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को दिया जाता है। प्रभाव: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर वित्तीय समावेशन औपचारिक ऋण, बचत तंत्र और बीमा उत्पादों तक पहुंच प्रदान करके व्यक्तियों और समुदायों को सशक्त बनाता है। इससे वंचित क्षेत्रों में आजीविका में सुधार, गरीबी में कमी और अधिक आर्थिक स्थिरता आ सकती है।
प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने 2026 के पुरस्कार नामांकित व्यक्तियों की घोषणा की
2026-09-23
NEEDS_REVIEW
प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ने त्योहारी सीजन के लिए नई मूल श्रृंखला का अनावरण किया
2026-09-23
NEEDS_REVIEW
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests