इसरो ने एनजीएलवी के लिए सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया
2026-09-03पृष्ठभूमि: इसरो पीएसएलवी और एलवीएम3 को बदलने के लिए नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) विकसित कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 2 सितंबर 2026 को, इसरो ने महेंद्रगिरि सुविधा में अपने 2000kN सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट किया। यह इंजन रिफाइंड केरोसिन (इसरोसीन) और तरल ऑक्सीजन का उपयोग करता है। प्रभाव: यह उपलब्धि भारत की भारी-लिफ्ट क्षमता को बढ़ाती है, जिससे लागत प्रभावी और बहु-मिशन लॉन्च संभव होंगे। यह भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और भविष्य के डीप-स्पेस मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारी-लिफ्ट तकनीक में भारत की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करता है।
भारत और ईएसए ने डीप-स्पेस संचार नेटवर्क की घोषणा की
2026-09-03पृष्ठभूमि: डीप-स्पेस मिशनों को निरंतर डेटा ट्रैकिंग के लिए मजबूत ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क की आवश्यकता होती है। वर्तमान संदर्भ: 3 सितंबर 2026 को, भारत और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने अपने ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क को एकीकृत करने के लिए साझेदारी की। यह सहयोग इसरो को भारतीय चंद्र और अंतरग्रहीय मिशनों को ट्रैक करने के लिए ईएसए के वैश्विक एंटीना नेटवर्क का उपयोग करने की अनुमति देता है। प्रभाव: यह रणनीतिक गठबंधन तीसरे पक्ष के ग्राउंड स्टेशनों पर निर्भरता को कम करता है और चंद्रयान-4 जैसे आगामी मिशनों के लिए निर्बाध संचार सुनिश्चित करता है।