रुस्तम-2 MALE ड्रोन ने भरी पहली परीक्षण उड़ान
2026-05-01पृष्ठभूमि: भारत विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) इस पहल में सबसे आगे रहा है। वर्तमान संदर्भ: रुस्तम-2, एक स्वदेशी मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) मानव रहित हवाई वाहन (UAV), ने हाल ही में अपनी पहली परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। यह ड्रोन निगरानी, टोही और लक्ष्य अधिग्रहण मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें सशस्त्र भूमिकाओं की भी क्षमता है। इसका पंख लगभग 9.5 मीटर है और यह 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है, जिसकी सहनशक्ति 24 घंटे से अधिक है। प्रभाव: रुस्तम-2 की सफल परीक्षण उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इसकी हवाई निगरानी क्षमताओं को बढ़ाती है और उन्नत ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता के करीब लाती है। यह वास्तविक समय की खुफिया जानकारी प्रदान करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की उम्मीद है।