LIVE Access Mock Tests, PYP & AI Analytics for 375+ Exams! 7 Days Free Trial ₹99 Start Free Trial
Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू
2026-08-20
पृष्ठभूमि: भारत सरकार विभिन्न पहलों के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रही है। आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाली एक प्रमुख योजना है। वर्तमान संदर्भ: 19 अगस्त 2026 को, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'आयुष्मान भव' अभियान शुरू किया। यह राष्ट्रव्यापी पहल एबी-पीएमजेएवाई के सभी लाभार्थियों के संतृप्ति कवरेज को सुनिश्चित करने और प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। यह स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सेवाओं को एकीकृत करते हुए, हर गांव और कस्बे तक पहुंचने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस अभियान से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार होने, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के अपने आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने और स्वास्थ्य लाभ उठाने की उम्मीद है। इसमें डोरस्टेप सेवा वितरण के लिए 'आयुष्मान आपके द्वार 2.0' और स्वास्थ्य संवर्धन एवं स्क्रीनिंग के लिए 'आयुष्मान मेला' जैसे घटक भी शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर प्रगति की समीक्षा की
2026-08-20
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में दो उप-मिशन शामिल हैं: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम), जिनका उद्देश्य क्रमशः ग्रामीण और शहरी आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। वर्तमान संदर्भ: 20 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) जैसे विभिन्न कार्यक्रमों की कार्यान्वयन स्थिति पर चर्चा की। प्रभाव: समीक्षा में शिशु मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव दर में सुधार जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। निष्कर्ष एनएचएम को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए रणनीति बनाने में मार्गदर्शन करेंगे, जिससे देश भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए बेहतर संसाधन आवंटन और लक्षित हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सकें।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests