2025 तक टीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू
2026-07-22पृष्ठभूमि: तपेदिक (टीबी) भारत में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। सरकार इसके उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध रही है।
वर्तमान संदर्भ: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 22 जुलाई, 2026 को टीबी के उन्मूलन में तेजी लाने के लिए एक गहन राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित वैश्विक लक्ष्य से एक साल पहले, 2025 तक टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना है। यह अभियान उच्च बोझ वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगा और सामुदायिक भागीदारी का लाभ उठाएगा।
प्रभाव: इस त्वरित प्रयास से भारत में टीबी के बोझ में काफी कमी आने, शीघ्र निदान और पूर्ण उपचार के माध्यम से रोगियों के परिणामों में सुधार होने और एक स्वस्थ आबादी में योगदान मिलने की उम्मीद है। यह वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप भी है।
स्वास्थ्य सेवा पहुंच के लिए सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाया
2026-07-22पृष्ठभूमि: भारत में स्वास्थ्य सेवा सहित सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटलीकरण एक प्रमुख केंद्र रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 22 जुलाई, 2026 तक के सप्ताह में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से, स्वास्थ्य सेवा वितरण का समर्थन करने वाले डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार और मजबूती पर सक्रिय रूप से काम किया है। इसमें आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) प्लेटफॉर्म को बढ़ाना, स्वास्थ्य रिकॉर्ड की अंतरसंचालनीयता सुनिश्चित करना और दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन सेवाओं की पहुंच बढ़ाना शामिल है।
प्रभाव: बेहतर डिजिटल बुनियादी ढांचे से अधिक कुशल स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, चिकित्सा पेशेवरों के लिए रोगी डेटा की बेहतर पहुंच, प्रतीक्षा समय में कमी और टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेष चिकित्सा सलाह तक अधिक पहुंच होगी, जिससे विशेष रूप से वंचित आबादी को लाभ होगा।