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भारत के राष्ट्रीय मामले: डिजिटल स्वास्थ्य, EIA, स्मार्ट सिटीज 2.0

सरकार ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की
2026-05-25
पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के रूप में शुरू किया गया राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM), एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य रखता है। यह अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी, डिजिटल डॉक्टर परामर्श और इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुविधा प्रदान करता है। प्रारंभिक चरण में, इसने स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण क्षमता प्रदर्शित की। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मई 2026 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए इसके पूर्ण पैमाने पर अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की। इस विस्तार में अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को डिजिटल ढांचे में एकीकृत करना शामिल है, जिससे स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतरसंचालनीयता बढ़ेगी। प्रभाव: इस कदम से स्वास्थ्य सेवा पहुंच, दक्षता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। यह नागरिकों को उनके स्वास्थ्य डेटा पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करेगा, चिकित्सा त्रुटियों को कम करेगा और पूरे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों के लिए डेटा-संचालित नीति-निर्माण को सक्षम करेगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त पर्यावरण प्रभाव आकलन मानदंडों को बरकरार रखा
2026-05-25
पृष्ठभूमि: पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रस्तावित परियोजनाओं के संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का मूल्यांकन करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। भारत की EIA अधिसूचना में कई संशोधन हुए हैं, अक्सर विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में इसकी प्रभावशीलता को लेकर जांच का सामना करना पड़ता है। वर्तमान संदर्भ: सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2026 के अंत में दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले में, सभी प्रमुख बुनियादी ढांचा और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए कड़े EIA मानदंडों की आवश्यकता को मजबूत किया। इस फैसले ने सार्वजनिक भागीदारी और स्वतंत्र विशेषज्ञ मूल्यांकन पर जोर दिया, पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को कमजोर करने के प्रयासों को खारिज कर दिया। प्रभाव: यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकासात्मक परियोजनाएं उच्च पारिस्थितिक मानकों का पालन करें। इससे अधिक जिम्मेदार परियोजना योजना, डेवलपर्स से बढ़ी हुई जवाबदेही और भारत के प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता का बेहतर संरक्षण होने की संभावना है।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'स्मार्ट सिटीज 2.0' पहल शुरू की
2026-05-25
पृष्ठभूमि: मूल स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य मुख्य बुनियादी ढांचा और जीवन की एक सभ्य गुणवत्ता प्रदान करके टिकाऊ और समावेशी शहरों को बढ़ावा देना था। कई पहलुओं में सफल होने के बावजूद, एकीकृत शहरी समाधानों को बढ़ाने और सभी चयनित शहरों में समान विकास सुनिश्चित करने में चुनौतियां बनी हुई थीं। वर्तमान संदर्भ: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'स्मार्ट सिटीज 2.0' का अनावरण किया, जो जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे, डिजिटल शासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर केंद्रित एक नया पहल है। यह चरण शहरी नियोजन और प्रबंधन के लिए एआई और आईओटी जैसी उन्नत तकनीकों का लाभ उठाने पर जोर देता है, जिसमें हरित गतिशीलता और अपशिष्ट प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया गया है। प्रभाव: इस नई पहल से शहरी परिवर्तन में तेजी आने, भारतीय शहरों को अधिक रहने योग्य, टिकाऊ और आर्थिक रूप से जीवंत बनाने की उम्मीद है। यह शहरी शासन में नवाचार को बढ़ावा देगा, हरित प्रौद्योगिकियों में निवेश आकर्षित करेगा और एकीकृत और स्मार्ट समाधानों के माध्यम से शहरी निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करेगा।
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