जी7 शिखर सम्मेलन ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
2026-06-30पृष्ठभूमि: जलवायु परिवर्तन, भू-राजनीतिक संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। पिछले अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में अक्सर दीर्घकालिक लचीलापन बनाने के लिए व्यापक, समन्वित रणनीतियों का अभाव रहा है। वर्तमान संदर्भ: जी7 नेताओं ने 29-30 जून, 2026 को रोम में अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन का समापन वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए किया। उन्होंने टिकाऊ कृषि पद्धतियों में निवेश बढ़ाने, खाद्य संकट के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने और खाद्य आपूर्ति को प्रभावित करने वाले व्यापार बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए एक संयुक्त घोषणा जारी की। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य वैश्विक खाद्य बाजारों को स्थिर करना, कमजोर आबादी को मूल्य झटकों से बचाना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, यह बहुपक्षीय सहयोग, वैश्विक चुनौतियों में विकसित देशों की भूमिका और जलवायु कार्रवाई के खाद्य प्रणालियों के साथ जुड़ाव को उजागर करता है।
हिंद-प्रशांत सहयोग पर भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता
2026-06-30पृष्ठभूमि: भारत और फ्रांस रक्षा, अंतरिक्ष और असैन्य परमाणु ऊर्जा में एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत को मुक्त, खुला और समावेशी बनाए रखने की वकालत करते हैं, जो बदलती क्षेत्रीय गतिशीलता के बीच इसके बढ़ते भू-राजनीतिक और आर्थिक महत्व को पहचानते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारत और फ्रांस के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने 28 जून, 2026 को पेरिस में अपनी वार्षिक रणनीतिक वार्ता आयोजित की। चर्चा समुद्री सुरक्षा सहयोग, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और हिंद-प्रशांत में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। दोनों पक्षों ने नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रभाव: यह वार्ता दोनों देशों की रणनीतिक स्वायत्तता और एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में उनके संयुक्त प्रभाव को मजबूत करती है। इससे गहरे रक्षा संबंध, उनकी सेनाओं के बीच बढ़ी हुई अंतरसंचालनीयता और क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून के पालन में योगदान देने वाली संयुक्त पहल होने की उम्मीद है।