Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

अंतर्राष्ट्रीय मामले: भारत-ईयू एफटीए, संयुक्त राष्ट्र खाद्य सुरक्षा, आसियान शिखर सम्मेलन

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति
2026-06-27
पृष्ठभूमि: भारत और यूरोपीय संघ कई वर्षों से एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए गहन बातचीत में लगे हुए हैं, जिसका उद्देश्य आर्थिक संबंधों को गहरा करना और व्यापार को सुविधाजनक बनाना है। इन चर्चाओं में वस्तुएं, सेवाएं, निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकार सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। वर्तमान संदर्भ: ब्रुसेल्स में 24-26 जून, 2026 को आयोजित भारत-ईयू एफटीए वार्ता का नवीनतम दौर महत्वपूर्ण सफलताओं के साथ संपन्न हुआ। वार्ताकारों ने कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच और डिजिटल व्यापार नियमों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त प्रगति की सूचना दी। दोनों पक्षों ने साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने के बारे में आशावाद व्यक्त किया। प्रभाव: एक सफल एफटीए अपार आर्थिक क्षमता को खोलेगा, द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा को बढ़ाएगा, शुल्कों को कम करेगा और नए निवेश के अवसर पैदा करेगा। इससे विभिन्न भारतीय उद्योगों को लाभ होने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने और यूरोपीय संघ के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा संकट पर प्रस्ताव अपनाया
2026-06-27
पृष्ठभूमि: जलवायु परिवर्तन, भू-राजनीतिक संघर्षों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधानों के कारण वैश्विक खाद्य असुरक्षा एक बढ़ती चिंता रही है। दुनिया भर में लाखों लोग तीव्र भूख का सामना कर रहे हैं, जिससे इस मानवीय संकट से निपटने के लिए समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तत्काल मांग की जा रही है। वर्तमान संदर्भ: 27 जून, 2026 को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भारत और कई अन्य देशों द्वारा सह-प्रायोजित एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाया, जिसमें बढ़ते वैश्विक खाद्य संकट से निपटने के लिए तत्काल और निरंतर अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आग्रह किया गया। प्रस्ताव मानवीय सहायता, टिकाऊ कृषि और संघर्ष निवारण पर जोर देता है। प्रभाव: इस प्रस्ताव का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर क्षेत्रों में व्यापक अकाल को रोकने के लिए अधिक अंतरराष्ट्रीय संसाधनों और राजनीतिक इच्छाशक्ति को जुटाना है। यह सहयोगी और व्यापक रणनीतियों के माध्यम से दीर्घकालिक खाद्य लचीलापन और स्थिरता को बढ़ावा देते हुए, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सदस्य देशों के बीच समन्वय बढ़ाने का प्रयास करता है।
आसियान शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर घोषणा के साथ संपन्न
2026-06-27
पृष्ठभूमि: दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) ने लगातार क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी है, जिसमें दक्षिण चीन सागर और अन्य महत्वपूर्ण जलमार्गों के रणनीतिक महत्व के कारण समुद्री सुरक्षा एक महत्वपूर्ण घटक है। क्षेत्रीय विवादों और अवैध गतिविधियों से उत्पन्न तनाव महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 25-27 जून, 2026 तक जकार्ता में आयोजित 49वां आसियान शिखर सम्मेलन "क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जकार्ता घोषणा" को अपनाने के साथ संपन्न हुआ। घोषणा में सामान्य खतरों से निपटने के लिए निगरानी, सूचना साझाकरण और क्षमता निर्माण के लिए संयुक्त पहल की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रभाव: इस घोषणा से समुद्री चुनौतियों के प्रति आसियान की सामूहिक प्रतिक्रिया मजबूत होने, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने और समुद्री डकैती तथा अवैध मछली पकड़ने जैसे सीमा पार अपराधों से निपटने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और अधिक विश्वास तथा सहयोग को बढ़ावा देना है।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests