संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार चर्चाओं ने पकड़ी गति
2026-05-08पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की मांग दशकों से बनी हुई है, जिसका उद्देश्य समकालीन वैश्विक शक्ति संतुलन को दर्शाना और अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित वर्तमान संरचना की अक्सर इसकी सीमित स्थायी सदस्यता और वीटो शक्ति के लिए आलोचना की जाती है। वर्तमान संदर्भ: संयुक्त राष्ट्र महासभा में हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय चर्चाओं में UNSC सुधारों को नई गति मिली। भारत ने, अन्य विकासशील देशों के साथ, स्थायी और अस्थायी दोनों सीटों के विस्तार की पुरजोर वकालत की, जिसमें अधिक समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक शासन निकाय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रभाव: मौजूदा स्थायी सदस्यों के बीच भिन्न राष्ट्रीय हितों के कारण महत्वपूर्ण बाधाएं बनी हुई हैं, फिर भी ये चर्चाएं 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में UNSC की वैधता और प्रभावशीलता के लिए सुधारों की आवश्यकता पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आम सहमति को उजागर करती हैं।
भारत-आसियान समुद्री सुरक्षा वार्ता ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत किया
2026-05-08पृष्ठभूमि: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति आसियान देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर महत्वपूर्ण जोर देती है, विशेष रूप से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में। समुद्री सुरक्षा सहयोग इस साझेदारी का एक आधारशिला है, जो समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने जैसी सामान्य चुनौतियों का समाधान करता है। वर्तमान संदर्भ: हाल ही में एक उच्च-स्तरीय भारत-आसियान समुद्री सुरक्षा वार्ता संपन्न हुई, जिसमें दोनों पक्षों के रक्षा अधिकारी और विशेषज्ञ एक साथ आए। चर्चाओं में सूचना साझाकरण बढ़ाने, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास आयोजित करने और उभरते समुद्री खतरों के लिए समन्वित प्रतिक्रियाएं विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। वार्ता ने क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के रास्ते भी तलाशे। प्रभाव: यह पहल आसियान के साथ भारत की रणनीतिक भागीदारी को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करती है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान मिलता है। यह हिंद-प्रशांत में नियम-आधारित व्यवस्था को सुदृढ़ करता है और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा समुद्री डोमेन जागरूकता को बढ़ावा देने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत करता है।