विश्व विरासत दिवस 2026: जलवायु लचीलेपन पर ध्यान
2026-04-18पृष्ठभूमि: विश्व विरासत दिवस, जिसे स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है, 1982 में ICOMOS द्वारा प्रस्तावित किया गया था और 1983 में यूनेस्को द्वारा अनुमोदित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 18 अप्रैल 2026 को, यह दिन विश्व स्तर पर 'विरासत और जलवायु लचीलापन' विषय के साथ मनाया जा रहा है, जो ऐतिहासिक स्थलों को पर्यावरणीय क्षरण से बचाने पर केंद्रित है। भारत में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने संरक्षण प्रयासों को उजागर करने के लिए हम्पी और खजुराहो जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया है। प्रभाव: यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत की विविधता और स्मारकों की संवेदनशीलता के बारे में जागरूकता बढ़ाता है, जिससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
विश्व हीमोफिलिया दिवस 2026: सभी के लिए समान पहुंच
2026-04-18पृष्ठभूमि: विश्व हीमोफिलिया दिवस प्रतिवर्ष 17 अप्रैल को वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफिलिया के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वर्तमान संदर्भ: 2026 में, वैश्विक विषय 'सभी के लिए समान पहुंच: सभी रक्तस्राव विकारों की पहचान' है। भारत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हीमोफिलिया ए और बी के अनियंत्रित मामलों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ एकीकृत किया गया है। प्रभाव: इस आयोजन का उद्देश्य वंशानुगत रक्तस्राव विकारों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और विशेष देखभाल और किफायती उपचार तक बेहतर पहुंच की वकालत करना है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव और फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी की कमी से जुड़ी मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।