पीएम-ईबस सेवा योजना का 100 से अधिक टियर-3 शहरों में विस्तार
2026-08-16पृष्ठभूमि: पीएम-ईबस सेवा योजना, जिसका उद्देश्य पीपीपी मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक बसों के साथ शहरी सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाना था, शुरू में बड़े शहरों पर केंद्रित थी। इसका मुख्य लक्ष्य देश भर में हरित गतिशीलता को बढ़ावा देना और शहरी बस संचालन का आधुनिकीकरण करना है। वर्तमान संदर्भ: 16 अगस्त, 2026 को, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने योजना के तीसरे चरण की घोषणा की, जिसमें इसका विस्तार 100 से अधिक टियर-3 शहरों तक किया गया। इस विस्तार का लक्ष्य छोटे शहरी केंद्रों में कुशल, पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन समाधान प्रदान करना, कनेक्टिविटी चुनौतियों का समाधान करना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। प्रभाव: इस रणनीतिक कदम से सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आने, स्थानीय रोजगार सृजित होने और बेहतर आवागमन विकल्पों के माध्यम से इन शहरों के निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। यह सतत शहरी विकास और जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
मंत्रालय ने हरित नौकरियों के लिए 'युवा कौशल विकास योजना' का शुभारंभ किया
2026-08-16पृष्ठभूमि: भारत में एक विशाल युवा आबादी है और नवीकरणीय ऊर्जा तथा सतत विकास पर बढ़ता जोर है। मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रमों को अक्सर उभरते हरित उद्योगों की बढ़ती मांगों के अनुरूप अद्यतन करने की आवश्यकता होती है। वर्तमान संदर्भ: 16 अगस्त, 2026 को, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से 'युवा कौशल विकास योजना' का शुभारंभ किया। इस नई योजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 5 लाख युवाओं को हरित नौकरियों से संबंधित कौशल, जैसे सौर पैनल स्थापना, इलेक्ट्रिक वाहन रखरखाव, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत कृषि पद्धतियों में प्रशिक्षित करना है। प्रभाव: यह योजना हरित अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण कौशल अंतराल को पाटने, युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और भारत के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह युवा व्यक्तियों को भविष्य के लिए तैयार कौशल के साथ सशक्त बनाएगी, उद्यमिता को बढ़ावा देगी और राष्ट्र को एक हरित, अधिक टिकाऊ अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में तेजी लाएगी।