पीएम-किसान योजना: किसानों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता
2026-08-06पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को सभी भूमि-धारक किसान परिवारों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था। यह प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करती है, जिसका भुगतान तीन समान किस्तों में किया जाता है।
वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, यह योजना देश भर के पात्र किसानों को किस्तों का वितरण जारी रखे हुए है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय मई 2026 में 16वीं किस्त के सफल वितरण के बाद, 17वीं किस्त के समय पर क्रेडिट को सुनिश्चित कर रहा है। शेष पात्र किसानों को जोड़ने और लाभार्थी डेटा में किसी भी विसंगति को दूर करने के प्रयास जारी हैं।
प्रभाव: यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को उनकी कृषि और अन्य संबद्ध जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता बढ़ती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान होता है। यह कृषि निवेश और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने को भी बढ़ावा देती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा पहुँच को मजबूत करना
2026-08-06पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) जैसे इसके उप-मिशन शामिल हैं। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है, जिसमें कमजोर आबादी पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 में, एनएचएम प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है, विशेष रूप से ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में। हालिया रिपोर्टों में सस्ती दवाओं के लिए जन औषधि केंद्रों के उपयोग में वृद्धि और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में प्रगति पर प्रकाश डाला गया है। स्वास्थ्य सेवा वितरण दक्षता को बढ़ाने के लिए मिशन डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन सेवाओं के एकीकरण को भी प्राथमिकता दे रहा है।
प्रभाव: एनएचएम शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करने और निवारक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रहा है। यह समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के साथ सशक्त बनाता है और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है।
मनरेगा: आजीविका और ग्रामीण विकास सुनिश्चित करना
2026-08-06पृष्ठभूमि: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन उपाय है जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल मैनुअल कार्य करने के लिए स्वेच्छा से काम करते हैं, वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का मजदूरी रोजगार गारंटी देना है।
वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, मनरेगा का कार्यान्वयन ग्रामीण रोजगार सृजन का एक आधारशिला बना हुआ है। सरकार समय पर मजदूरी भुगतान और योजना के तहत बनाए गए उत्पादक संपत्तियों के पूरा होने को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालिया निर्देश परियोजना निष्पादन में बेहतर निगरानी और पारदर्शिता के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देते हैं, साथ ही मनरेगा श्रमिकों को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
प्रभाव: मनरेगा ने ग्रामीण परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा जाल प्रदान किया है, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है और मजबूरी में पलायन कम हुआ है। इसने सड़कों, जल संरक्षण संरचनाओं और स्वच्छता सुविधाओं जैसी टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण में भी योगदान दिया है, जिससे समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिला है।