पीएमजीडीआईएसएचए ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल खाई को पाटना जारी रखे हुए है
2026-07-28पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडीआईएसएचए) को भारत भर में 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया था। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, इस योजना ने लाखों व्यक्तियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है, उन्हें कंप्यूटर संचालित करने, इंटरनेट का उपयोग करने और डिजिटल भुगतान विधियों का उपयोग करने जैसे बुनियादी डिजिटल कौशल से लैस किया है। व्यापक डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित है। प्रभाव: पीएमजीडीआईएसएचए ग्रामीण युवाओं की रोजगार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा रहा है, सरकारी सेवाओं और सूचनाओं तक आसान पहुंच को सक्षम कर रहा है, और एक अधिक डिजिटल रूप से जुड़े ग्रामीण भारत को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान हो रहा है।
पीएमजीडीआईएसएचए विस्तार के तहत उन्नत डिजिटल कौशल पर ध्यान केंद्रित
2026-07-28पृष्ठभूमि: 2017 में शुरू किए गए पीएमजीडीआईएसएचए का प्राथमिक लक्ष्य नागरिकों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना था। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 में एक हालिया समीक्षा बैठक में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल वित्तीय साक्षरता और ई-गवर्नेंस सेवाओं के उपयोग जैसे उन्नत डिजिटल कौशल पर मॉड्यूल को शामिल करने के लिए पीएमजीडीआईएसएचए का विस्तार करने पर चर्चा की। इस विस्तार का उद्देश्य लाभार्थियों को विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य के लिए प्रासंगिक कौशल से लैस करना है। प्रभाव: उन्नत प्रशिक्षण मॉड्यूल से ग्रामीण नागरिकों को और अधिक सशक्त बनाने की उम्मीद है, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकें और ऑनलाइन खतरों से खुद को बचा सकें, जिससे अधिक आत्मनिर्भरता और डिजिटल आत्मविश्वास को बढ़ावा मिले।