पीएमजीदिशा ग्रामीण भारत में डिजिटल विभाजन को पाटने में जारी
2026-06-21पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीदिशा) को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य प्रति पात्र परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है।
वर्तमान संदर्भ: हाल की रिपोर्टों के अनुसार, पीएमजीदिशा ने राष्ट्रव्यापी लाखों लाभार्थियों का सफलतापूर्वक नामांकन किया है, जिससे गांवों में डिजिटल साक्षरता दर में काफी वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में कंप्यूटर, स्मार्टफोन संचालित करने और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने सहित आवश्यक डिजिटल कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रभाव: यह योजना ग्रामीण आबादी को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सेवाओं और शैक्षिक संसाधनों को ऑनलाइन एक्सेस करने में सक्षम बनाकर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे अधिक समावेश और आर्थिक अवसर पैदा हो रहे हैं।
पीएमजीदिशा के तहत उन्नत डिजिटल कौशल पर ध्यान
2026-06-21पृष्ठभूमि: प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीदिशा) ने शुरू में बुनियादी डिजिटल साक्षरता पर ध्यान केंद्रित किया था। हालांकि, विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य के लिए कौशल सेट में उन्नयन की आवश्यकता है।
वर्तमान संदर्भ: पीएमजीदिशा के भीतर डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन नौकरी खोजना और बुनियादी साइबर सुरक्षा जागरूकता जैसे अधिक उन्नत डिजिटल कौशल पर मॉड्यूल को शामिल करने पर जोर बढ़ रहा है। इस विस्तार का उद्देश्य लाभार्थियों को आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए प्रासंगिक कौशल से लैस करना है।
प्रभाव: बुनियादी साक्षरता से आगे बढ़कर, पीएमजीदिशा ग्रामीण युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ा रही है और उन्हें डिजिटल बाजार में अधिक प्रभावी ढंग से भाग लेने में सक्षम बना रही है, जिससे ग्रामीण आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता में योगदान मिल रहा है।