पीएम-किसान योजना का विस्तार, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी मिलेगा लाभ
2026-06-07पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जिसे 2019 में शुरू किया गया था, भारत भर में पात्र किसान परिवारों को सीधी आय सहायता प्रदान करने में सहायक रही है, जिसका उद्देश्य उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस पहल ने ग्रामीण आर्थिक स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वर्तमान संदर्भ: 5 जून, 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना के विस्तार को मंजूरी दी है, जिसमें अब भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में इस कमजोर वर्ग के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करता है और उन्हें एक आवश्यक सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
प्रभाव: इस विस्तार से लाखों भूमिहीन मजदूरों को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता बढ़ेगी और ग्रामीण संकट कम होगा। यह एक अधिक समावेशी कृषि सहायता प्रणाली को भी जन्म देगा, जिससे कृषि उत्पादकता को बढ़ावा मिल सकता है और अनौपचारिक श्रम क्षेत्र को औपचारिक रूप दिया जा सकता है।
सतत रोजगार के लिए राष्ट्रीय हरित कौशल विकास कार्यक्रम (एनजीएसडीपी) शुरू
2026-06-07पृष्ठभूमि: भारत ने जलवायु कार्रवाई और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार जोर दिया है। पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पहचानते हुए, मौजूदा कौशल विकास पहलों ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधार तैयार किया है।
वर्तमान संदर्भ: 6 जून, 2026 को, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, राष्ट्रीय हरित कौशल विकास कार्यक्रम (एनजीएसडीपी) का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, सतत कृषि और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करना है।
प्रभाव: एनजीएसडीपी भारत के हरित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण एक मजबूत कुशल कार्यबल का निर्माण करेगा, जिससे पर्यावरणीय चुनौतियों और युवा बेरोजगारी दोनों का समाधान होगा। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलने, टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने और उभरते हरित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।