पीएम-किसान सम्मान निधि: किसानों को 18वीं किस्त जारी
2026-05-25पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत भारत भर के पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उनकी कृषि व घरेलू जरूरतों को पूरा करना है। वर्तमान संदर्भ: 25 मई, 2026 को केंद्र सरकार ने पीएम-किसान की 18वीं किस्त जारी करने की घोषणा की, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹20,000 करोड़ से अधिक हस्तांतरित किए गए। यह समय पर वितरण आगामी खरीफ बुवाई के मौसम से पहले महत्वपूर्ण है। प्रभाव: यह वित्तीय सहायता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा देती है, जिससे किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य इनपुट खरीदने के लिए आवश्यक तरलता मिलती है। यह उनकी वित्तीय स्थिरता को मजबूत करता है, कर्ज कम करता है, और समग्र कृषि उत्पादकता व खाद्य सुरक्षा में योगदान देता है।
जल जीवन मिशन ने ग्रामीण नल जल कवरेज में नए मील के पत्थर हासिल किए
2026-05-25पृष्ठभूमि: जल जीवन मिशन (जेजेएम), अगस्त 2019 में शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य 2024 तक भारत के सभी ग्रामीण घरों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। यह सामुदायिक भागीदारी और जल गुणवत्ता निगरानी पर जोर देता है। वर्तमान संदर्भ: 25 मई, 2026 तक, जल शक्ति मंत्रालय ने घोषणा की कि मिशन ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 80% से अधिक ग्रामीण घरों में अब नल जल कनेक्शन उपलब्ध हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100% कवरेज की सूचना दी है। प्रभाव: यह उपलब्धि जल-जनित बीमारियों को कम करके सार्वजनिक स्वास्थ्य में काफी सुधार करती है और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है, खासकर महिलाओं और लड़कियों के लिए जो पारंपरिक रूप से पानी लाने का बोझ उठाती थीं। यह ग्रामीण विकास को बढ़ावा देता है और एक मूलभूत आवश्यकता तक समान पहुंच सुनिश्चित करता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का अखिल भारतीय विस्तार, नई सेवाओं का एकीकरण
2026-05-25पृष्ठभूमि: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम), सितंबर 2021 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए आवश्यक रीढ़ विकसित करना है। यह अद्वितीय स्वास्थ्य आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के निर्माण की सुविधा प्रदान करता है। वर्तमान संदर्भ: 25 मई, 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने एबीडीएम के सफल अखिल भारतीय विस्तार की घोषणा की, जिसमें अब सभी प्रमुख सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत हो गए हैं। उन्नत टेलीकंसल्टेशन प्लेटफॉर्म और सभी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए एक एकीकृत रोगी पोर्टल जैसी नई सुविधाएँ भी शुरू की गईं। प्रभाव: यह विस्तार स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सुव्यवस्थित करता है, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी में सुधार करता है, और स्वास्थ्य क्षेत्र की दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाता है। यह नागरिकों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर नियंत्रण प्रदान करता है, दूरस्थ चिकित्सा परामर्श की सुविधा देता है, और वास्तव में एक डिजिटल और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करता है।