पीएम-स्वनिधि योजना का व्यापक पहुंच के लिए विस्तार
2026-05-09पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM-SVANidhi) योजना कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। इसका लक्ष्य उनकी आर्थिक रिकवरी, व्यवसायों को औपचारिक बनाना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम-स्वनिधि योजना के महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की। अब यह योजना अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को कवर करेगी। इस चरण में बाद की किस्तों के लिए ऋण सीमा में वृद्धि और डिजिटल भुगतान अपनाने हेतु प्रोत्साहन शामिल हैं। प्रभाव: इस विस्तार से अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा औपचारिक होगा, लाखों अतिरिक्त विक्रेताओं को वित्तीय सहायता मिलेगी। यह स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देगा और व्यापक जनसांख्यिकी में डिजिटल भुगतान को एकीकृत करेगा, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के अनुरूप है।
'युवा कौशल विकास योजना' का हरित नौकरियों के लिए शुभारंभ
2026-05-09पृष्ठभूमि: भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत कृषि जैसे हरित क्षेत्रों में कुशल कार्यबल आवश्यक है। मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रमों में अक्सर इन तेजी से बढ़ते पर्यावरणीय उद्योगों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण की कमी होती है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से 'युवा कौशल विकास योजना' शुरू की। इसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 10 लाख युवाओं को सौर पैनल स्थापना, ई-कचरा रीसाइक्लिंग, जैविक खेती और सतत निर्माण जैसे हरित कौशल में प्रशिक्षित करना है। प्रभाव: यह योजना हरित अर्थव्यवस्था में कुशल पेशेवरों की मांग को पूरा करेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह भारत के सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देगी और पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देगी।