प्रधानमंत्री मुद्रा योजना MSME को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है
2026-04-29पृष्ठभूमि: अप्रैल 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) का उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख तक का ऋण प्रदान करना है। यह ऋणों को 'शिशु' (₹50,000 तक), 'किशोर' (₹50,001 से ₹5 लाख), और 'तरुण' (₹5 लाख से ₹10 लाख) में वर्गीकृत करती है।
वर्तमान संदर्भ: हालिया रिपोर्टें PMMY के तहत ऋण वितरण में निरंतर गति का संकेत देती हैं, जो छोटे व्यवसायों का समर्थन करने में इसके निरंतर महत्व को दर्शाती हैं। यह योजना उद्यमिता को बढ़ावा देने और विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्र में विकास और परिचालन आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण पूंजी प्रदान करने में सहायक रही है।
प्रभाव: PMMY ने लाखों सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाकर वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह स्वरोजगार को बढ़ावा देती है, आजीविका उत्पन्न करती है, और MSME क्षेत्र के विकास को गति देती है, जो भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है।