पीएम-किसान योजना का नया चरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देगा बढ़ावा
2026-04-21पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जो 2019 में शुरू की गई थी, भारत भर में पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की सीधी आय सहायता प्रदान करती है, जिसे तीन समान किस्तों में वितरित किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना और उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है। वर्तमान संदर्भ: 20 अप्रैल, 2026 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान के एक नए चरण को शुरू करने की मंजूरी दी, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों और किरायेदार किसानों को विशिष्ट पात्रता मानदंडों के अधीन इसके लाभों में शामिल किया गया। इस विस्तार से अतिरिक्त 1.5 करोड़ लाभार्थियों को कवर करने का अनुमान है, जिसमें वार्षिक परिव्यय बढ़ाया गया है। प्रभाव: इस महत्वपूर्ण विस्तार से कृषि कार्यबल के अधिक कमजोर वर्ग को महत्वपूर्ण वित्तीय स्थिरता प्रदान करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग को बढ़ावा देगा और भूमिहीन मजदूरों के बीच संकट को कम करेगा, जिससे समावेशी विकास और गरीबी उन्मूलन में योगदान मिलेगा।
हरित कौशल विकास के लिए "सक्षम युवा" पहल का शुभारंभ
2026-04-21पृष्ठभूमि: भारत की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता और बढ़ती हरित अर्थव्यवस्था के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देने में सक्षम कुशल कार्यबल की आवश्यकता है। मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रमों ने व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए एक आधार तैयार किया है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से 21 अप्रैल, 2026 को "सक्षम युवा" पहल शुरू की। इस नए कार्यक्रम का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 5 लाख युवाओं को सौर पैनल स्थापना, इलेक्ट्रिक वाहन रखरखाव और सतत कृषि पद्धतियों जैसे हरित कौशल में प्रशिक्षित करना है। प्रभाव: "सक्षम युवा" भारत के बढ़ते हरित क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवरों की एक मजबूत श्रृंखला तैयार करेगा, महत्वपूर्ण श्रम कमी को दूर करेगा और उद्यमिता को बढ़ावा देगा। इससे भारत के जलवायु लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान मिलने, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने और भविष्य-उन्मुख उद्योगों में युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।