पीएम-किसान योजना का विस्तार, अधिक सीमांत किसानों को किया गया शामिल
2026-04-19पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, जो 2019 में शुरू की गई थी, पूरे भारत में पात्र किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। वर्तमान संदर्भ: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 अप्रैल, 2026 को पीएम-किसान योजना के महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दी, जिससे इसके पात्रता मानदंडों को व्यापक बनाया गया और पहले बाहर रखे गए सीमांत किसानों के एक बड़े वर्ग को शामिल किया गया। इस कदम से अतिरिक्त 1.5 करोड़ किसानों को इसके दायरे में लाने की उम्मीद है, साथ ही वार्षिक परिव्यय में भी वृद्धि होगी। प्रभाव: यह विस्तार अधिक संख्या में कमजोर किसान परिवारों को बेहतर वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा, उनकी आय को बढ़ावा देगा और कृषि इनपुट में बेहतर निवेश को सक्षम करेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत होने तथा खाद्य सुरक्षा में योगदान मिलने की उम्मीद है।
नया राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम 'युवा कौशल विकास योजना' शुरू
2026-04-19पृष्ठभूमि: भारत ने पीएमकेवीवाई जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से अपने युवाओं को सशक्त बनाने और उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए लगातार कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, तेजी से विकसित हो रहा तकनीकी परिदृश्य नए, लक्षित कार्यक्रमों की आवश्यकता को जन्म देता है। वर्तमान संदर्भ: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 18 अप्रैल, 2026 को एक नया प्रमुख कार्यक्रम, 'युवा कौशल विकास योजना' (वाईकेवीवाई) शुरू किया। यह योजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और ग्रीन टेक्नोलॉजीज जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में युवाओं को कौशल प्रदान करने और पुनः कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप है। प्रभाव: वाईकेवीवाई उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में कौशल अंतर को पाटने के लिए तैयार है, जिससे भारतीय युवा विश्व स्तर पर अधिक रोजगार योग्य बनेंगे। यह नवाचार को बढ़ावा देगा, आर्थिक विकास को गति देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भारत का कार्यबल डिजिटल अर्थव्यवस्था में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार है।
जल जीवन मिशन ने हासिल किए प्रमुख मील के पत्थर, सतत जल प्रबंधन के लिए नए लक्ष्य निर्धारित
2026-04-19पृष्ठभूमि: जल जीवन मिशन (जेजेएम), जिसे 2019 में शुरू किया गया था, का लक्ष्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। वर्तमान संदर्भ: 17 अप्रैल, 2026 को जल शक्ति मंत्रालय ने अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट जारी की, जिसमें घोषणा की गई कि अब 95% से अधिक ग्रामीण घरों में कार्यात्मक नल जल कनेक्शन हैं, जिसमें कई राज्यों ने समय से पहले 100% संतृप्ति हासिल कर ली है। इस सफलता के आधार पर, मंत्रालय ने 'जल सुरक्षा अभियान' नामक एक नई पहल का भी अनावरण किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन, ग्रेवाटर उपचार और वर्षा जल संचयन पर केंद्रित है। प्रभाव: इस मिशन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार किया है, पानी लाने में महिलाओं और लड़कियों की कठिनाई को कम किया है, और ग्रामीण भारत में जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाया है। नई पहल दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी।