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पर्यावरण और पारिस्थितिकी समाचार: जैव विविधता, जलवायु कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण

हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन ने वनीकरण अभियानों को तेज किया
2026-08-17
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (NMGI) देश भर में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को बढ़ाना है। यह वनीकरण और पुनर्वनीकरण दोनों प्रयासों पर केंद्रित है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, NMGI ने विशेष रूप से निम्नीकृत वन क्षेत्रों और सामुदायिक भूमि में अपने वनीकरण अभियानों में महत्वपूर्ण तेजी की सूचना दी है। आगामी रोपण मौसम के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसमें देशी प्रजातियों के उपयोग और रोपण व रखरखाव में सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया है। प्रभाव: इन तेज अभियानों से भारत के वन आवरण में काफी वृद्धि होने, कार्बन पृथक्करण में सुधार होने, जैव विविधता बढ़ने और स्थायी वन प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर प्रदान होने की उम्मीद है।
जैव विविधता संरक्षण पर नई राष्ट्रीय नीति को मंजूरी मिली
2026-08-17
पृष्ठभूमि: भारत ने लंबे समय से अपनी समृद्ध जैव विविधता के महत्व को पहचाना है और इसके संरक्षण के लिए विभिन्न कानून और नीतियां बनाई हैं। हालांकि, विकसित हो रही चुनौतियों के कारण एक व्यापक अद्यतन की आवश्यकता थी। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 के मध्य में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव विविधता संरक्षण पर एक नई राष्ट्रीय नीति को मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य विकास के सभी क्षेत्रों में जैव विविधता संबंधी चिंताओं को एकीकृत करना, संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना और जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। यह स्थानीय समुदायों और स्वदेशी ज्ञान की भूमिका पर भी जोर देता है। प्रभाव: नई नीति से जैव विविधता प्रबंधन के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करने की उम्मीद है, जिससे संरक्षण के बेहतर परिणाम, बढ़ी हुई पारिस्थितिक लचीलापन और भारत की प्राकृतिक विरासत की रक्षा में अधिक जन जागरूकता और भागीदारी होगी।
प्रोजेक्ट टाइगर का विस्तार पश्चिमी घाट में नए गलियारों को शामिल करने के लिए
2026-08-17
पृष्ठभूमि: प्रोजेक्ट टाइगर, 1973 में शुरू किया गया, भारत में बाघों की आबादी और उनके आवासों की रक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संरक्षण पहल है। यह देश भर में बाघों की संख्या बढ़ाने में सहायक रहा है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 में, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने पश्चिमी घाट क्षेत्र में कई नए पहचाने गए महत्वपूर्ण बाघ आवासों और कनेक्टिविटी गलियारों को शामिल करने के लिए प्रोजेक्ट टाइगर के विस्तार की घोषणा की। यह विस्तार इन क्षेत्रों में स्वस्थ बाघ आबादी और संरक्षित क्षेत्रों के बीच उनके सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता को दर्शाने वाले हालिया सर्वेक्षणों पर आधारित है। प्रभाव: विस्तार से महत्वपूर्ण आवासों को सुरक्षित करके और परिदृश्य-स्तरीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करके बाघ संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जो प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। यह पश्चिमी घाट में अन्य सह-अस्तित्व वाले वन्यजीवों और उनके पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा के प्रयासों को भी मजबूत करेगा।
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