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पर्यावरण और पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स: आर्द्रभूमि, ग्लेशियर (अगस्त 2026)

भारत में नए आर्द्रभूमि संरक्षण क्षेत्र की घोषणा
2026-08-07
पृष्ठभूमि: रामसर कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, भारत अपने विविध आर्द्रभूमि पारिस्थितिक तंत्रों की सक्रिय रूप से रक्षा करता है, जो जैव विविधता और पारिस्थितिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षी प्रजातियों सहित अद्वितीय वनस्पतियों और जीवों का समर्थन करती हैं। वर्तमान संदर्भ: 7 अगस्त, 2026 को, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने ओडिशा में 'सुंदरवन आर्द्रभूमि' को आधिकारिक तौर पर एक नए संरक्षण क्षेत्र के रूप में नामित किया। यह निर्णय इसके महत्व और संवेदनशीलता को उजागर करने वाले व्यापक पारिस्थितिक सर्वेक्षणों के बाद लिया गया है। प्रभाव: यह घोषणा भारत के आर्द्रभूमि संरक्षण प्रयासों को मजबूत करती है, राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों और जलवायु लचीलेपन में योगदान करती है। यह लक्षित संरक्षण कार्यक्रमों को सुविधाजनक बनाएगी, विकासात्मक गतिविधियों को विनियमित करेगी, और स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देगी, जिससे पारिस्थितिक स्वास्थ्य और पर्यावरण-पर्यटन क्षमता बढ़ेगी।
हिमालयी ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने पर नई रिपोर्ट ने चिंताएं बढ़ाईं
2026-08-07
पृष्ठभूमि: हिमालयी ग्लेशियर महत्वपूर्ण ताजे पानी के भंडार हैं, जो प्रमुख नदियों को पोषित करते हैं और दक्षिण एशिया में लाखों लोगों का समर्थन करते हैं। उनका स्वास्थ्य वैश्विक जलवायु परिवर्तन प्रभावों का एक प्रमुख संकेतक है, जिसमें पिछले अध्ययनों ने महत्वपूर्ण बर्फ हानि दिखाई है। वर्तमान संदर्भ: 7 अगस्त, 2026 को राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) द्वारा जारी एक व्यापक रिपोर्ट में कई प्रमुख हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की दर में खतरनाक तेजी का खुलासा हुआ है। उन्नत उपग्रह डेटा का उपयोग करने वाले अध्ययन से पिछले पांच वर्षों में पर्याप्त द्रव्यमान हानि का संकेत मिलता है, जो पिछली भविष्यवाणियों से अधिक है। प्रभाव: ये निष्कर्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए मजबूत जलवायु अनुकूलन रणनीतियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। तेजी से पिघलना क्षेत्रीय जल सुरक्षा, कृषि उत्पादकता के लिए गंभीर दीर्घकालिक खतरे पैदा करता है, और ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़ (GLOF) के जोखिम को बढ़ाता है, जिससे लाखों लोग प्रभावित होंगे।
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