भारत ने राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल शुरू की
2026-06-27पृष्ठभूमि: मैंग्रोव महत्वपूर्ण तटीय पारिस्थितिकी तंत्र हैं, जो तटरेखाओं की रक्षा और जैव विविधता का समर्थन करते हैं। मानवीय गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन से भारत के मैंग्रोव आवरण में काफी गिरावट आई है।
वर्तमान संदर्भ: 25 जून, 2026 को, MoEFCC ने नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में "राष्ट्रीय मैंग्रोव बहाली पहल" शुरू की। इसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक तरीकों से degraded मैंग्रोव वनों को बहाल करना और उनका विस्तार करना है।
प्रभाव: यह पहल तटीय लचीलेपन को बढ़ाएगी, समुद्री जैव विविधता की रक्षा करेगी और कार्बन पृथक्करण को बढ़ावा देगी। यह स्थायी आजीविका भी बनाएगी, जिससे भारत की जलवायु कार्रवाई और संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
ई-कचरा प्रबंधन 2.0 के लिए नए दिशानिर्देश जारी
2026-06-27पृष्ठभूमि: भारत में भारी ई-कचरा उत्पन्न होता है, जिसका अनुचित प्रबंधन पर्यावरणीय और स्वास्थ्य खतरे पैदा करता है। मौजूदा नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन में चुनौतियां थीं।
वर्तमान संदर्भ: 26 जून, 2026 को, MoEFCC के तहत CPCB ने "ई-कचरा प्रबंधन दिशानिर्देश 2.0" जारी किए। ये दिशानिर्देश सख्त EPR लक्ष्य, उन्नत रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियां और ई-कचरा संग्रह के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य करते हैं।
प्रभाव: संशोधित ढांचा ई-कचरा संग्रह को सुव्यवस्थित करेगा, रीसाइक्लिंग दरों में सुधार करेगा और अवैध डंपिंग घटाएगा। यह चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, संसाधन क्षरण कम करेगा, और खतरनाक सामग्री प्रदूषण को रोकेगा, जिससे स्वच्छ वातावरण बनेगा।