राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना 2026 अपडेट
2026-06-18पृष्ठभूमि: भारत कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क का हस्ताक्षरकर्ता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय लक्ष्यों को वैश्विक लक्ष्यों के साथ संरेखित करने के लिए एक संशोधित कार्य योजना शुरू की है। इसमें 2030 तक 30% खराब पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना शामिल है। प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य आवास कनेक्टिविटी को बढ़ाना और लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करना है। यह राज्यों को स्थानीयकृत संरक्षण रणनीतियों को लागू करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि जैव विविधता के नुकसान को रोका जा सके।
शहरी ताप शमन और जैव विविधता रणनीति
2026-06-18पृष्ठभूमि: तेजी से शहरीकरण ने 'अर्बन हीट आइलैंड' प्रभाव को जन्म दिया है, जो स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के लिए खतरा है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 में, सरकार ने बढ़ते तापमान से निपटने के लिए महानगरों में 'ग्रीन कॉरिडोर' के लिए दिशानिर्देश पेश किए। ये कॉरिडोर शहरी वातावरण को ठंडा करने और शहरी वन्यजीवों को आश्रय प्रदान करने के लिए देशी वनस्पतियों को एकीकृत करते हैं। प्रभाव: इस रणनीति से अगले पांच वर्षों में शहर के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की उम्मीद है। शहरी वानिकी को बढ़ावा देकर, यह नीति जैव विविधता लचीलेपन को बढ़ावा देती है।