भारत ने लक्षद्वीप में नए समुद्री संरक्षित क्षेत्र की घोषणा की
2026-06-11पृष्ठभूमि: भारत में विशेष रूप से इसके द्वीप क्षेत्रों में समृद्ध समुद्री जैव विविधता है। लक्षद्वीप के प्रवाल भित्तियाँ महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों से खतरों का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने लक्षद्वीप में कई एटोल को शामिल करते हुए एक नए समुद्री संरक्षित क्षेत्र (MPA) की आधिकारिक घोषणा की है। यह निर्णय इसके अद्वितीय समुद्री वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक वैज्ञानिक सर्वेक्षणों और सामुदायिक परामर्शों के बाद लिया गया है। प्रभाव: यह घोषणा कमजोर प्रवाल प्रजातियों, विविध मछली आबादी और अन्य समुद्री जीवों के संरक्षण को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी। इससे विनियमित इको-टूरिज्म और मत्स्य पालन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका का समर्थन होने की उम्मीद है, जिससे जैव विविधता संरक्षण पर भारत की वैश्विक प्रतिबद्धताओं में योगदान मिलेगा।
शहरी हरियाली और जैव विविधता पर राष्ट्रीय नीति का शुभारंभ
2026-06-11पृष्ठभूमि: भारत भर में तेजी से शहरीकरण के कारण शहरी हरित स्थानों और जैव विविधता में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे पर्यावरणीय गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। एकीकृत शहरी पारिस्थितिक नियोजन की बढ़ती आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 'शहरी हरियाली और जैव विविधता पर राष्ट्रीय नीति' का अनावरण किया है। यह नीति शहरों में हरित आवरण बढ़ाने, देशी पौधों की प्रजातियों को बढ़ावा देने, शहरी वन विकसित करने और जैव विविधता पार्क बनाने के लिए रणनीतियाँ बताती है। यह सामुदायिक भागीदारी और शहरी नियोजन में हरित बुनियादी ढांचे के एकीकरण पर जोर देती है। प्रभाव: इस नीति का उद्देश्य शहरी ताप द्वीप प्रभाव को कम करना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना, जल प्रबंधन को बढ़ाना और शहरी वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास प्रदान करना है। यह स्वस्थ, अधिक लचीले शहरों को बढ़ावा देगा, जिससे शहरी आबादी की भलाई और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।