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पर्यावरण और पारिस्थितिकी समाचार: वन आवरण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन

भारत के वन आवरण में उल्लेखनीय वृद्धि, जैव विविधता को बढ़ावा
2026-06-03
पृष्ठभूमि: भारत ने अपनी राष्ट्रीय पर्यावरण नीति के हिस्से के रूप में अपने वन और वृक्ष आवरण को बढ़ाने का लगातार लक्ष्य रखा है। भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) नियमित मूल्यांकन करता है। वर्तमान संदर्भ: नवीनतम FSI रिपोर्ट कई राज्यों में वन आवरण में पर्याप्त वृद्धि का संकेत देती है, जिसका श्रेय वनीकरण अभियानों, सख्त वन संरक्षण उपायों और सामुदायिक भागीदारी को दिया जाता है। यह विस्तार कार्बन पृथक्करण और आवास बहाली के लिए महत्वपूर्ण है। प्रभाव: बढ़े हुए वन आवरण से विभिन्न प्रजातियों के लिए अधिक आवास प्रदान करके जैव विविधता में काफी वृद्धि होने, मृदा और जल संरक्षण में सुधार होने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में योगदान मिलने की उम्मीद है। यह वन-आधारित आजीविका के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं का भी समर्थन करता है।
चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय जलवायु लचीलापन योजना
2026-06-03
पृष्ठभूमि: भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जिसमें लू, बाढ़ और चक्रवात जैसी चरम मौसम की घटनाएं शामिल हैं। अनुकूलन और शमन के लिए सक्रिय उपाय आवश्यक हैं। वर्तमान संदर्भ: सरकार एक व्यापक राष्ट्रीय जलवायु लचीलापन योजना को अंतिम रूप दे रही है। यह योजना प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने, जलवायु-लचीला बुनियादी ढांचा विकसित करने, सूखा-प्रतिरोधी कृषि को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच सहयोग शामिल है। प्रभाव: इस योजना का उद्देश्य चरम मौसम की घटनाओं से होने वाले जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करना, आर्थिक व्यवधानों को कम करना और देश के लिए एक अधिक टिकाऊ और लचीला भविष्य का निर्माण करना है। यह संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र और समुदायों की रक्षा में भी मदद करेगा।
संरक्षण बढ़ाने के लिए नई आरक्षितियों को शामिल करने हेतु प्रोजेक्ट टाइगर का विस्तार
2026-06-03
पृष्ठभूमि: प्रोजेक्ट टाइगर, जिसे 1973 में लॉन्च किया गया था, भारत में बाघों की आबादी के संरक्षण में महत्वपूर्ण रहा है। यह देश भर में निर्दिष्ट बाघ अभयारण्यों के माध्यम से संचालित होता है। वर्तमान संदर्भ: बाघ संरक्षण प्रयासों को और मजबूत करने और उनके आवासों की रक्षा के लिए, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने प्रोजेक्ट टाइगर के विस्तार को मंजूरी दे दी है जिसमें महत्वपूर्ण बाघ गलियारों और संभावित आवासों के रूप में पहचाने गए कई नए क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इन नई आरक्षितियों को बढ़ी हुई सुरक्षा और निगरानी मिलेगी। प्रभाव: इस विस्तार से बाघों के लिए अधिक सुरक्षित ठिकाने प्रदान करके और आनुवंशिक विविधता में सुधार करके बाघों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह बाघ के आवास से जुड़े पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भी मदद करेगा, जिससे कई अन्य प्रजातियों को लाभ होगा।
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