जैव विविधता के लिए नई संरक्षित क्षेत्र अधिसूचना
2026-05-30पृष्ठभूमि: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्थानिक प्रजातियों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर क्षेत्रों को संरक्षित घोषित करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, सरकार ने आवास विखंडन को रोकने के लिए पश्चिमी घाट में एक नए जैव विविधता हॉटस्पॉट को अधिसूचित किया है। यह कदम पिछले दो वर्षों में किए गए व्यापक पारिस्थितिक सर्वेक्षणों के बाद उठाया गया है। प्रभाव: यह अधिसूचना बफर जोन में औद्योगिक गतिविधियों और खनन को प्रतिबंधित करती है, जिससे लुप्तप्राय वनस्पतियों और जीवों का अस्तित्व सुनिश्चित होता है। यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तटीय लचीलापन और जलवायु अनुकूलन रणनीति
2026-05-30पृष्ठभूमि: भारत की विस्तृत तटरेखा समुद्र के बढ़ते स्तर और चरम मौसम की घटनाओं के प्रति तेजी से संवेदनशील हो रही है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 के अंत में, राष्ट्रीय तटीय प्रबंधन प्राधिकरण ने 'प्रकृति-आधारित समाधान' (NbS) पर केंद्रित एक नई रणनीति शुरू की। इसमें तूफान के खिलाफ प्राकृतिक बाधाओं के रूप में कार्य करने के लिए मैंग्रोव वनों और मूंगा चट्टानों का पुनर्स्थापन शामिल है। प्रभाव: पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ एकीकृत करके, यह रणनीति तटीय समुदायों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करना चाहती है। यह आपदा प्रबंधन की आर्थिक लागत को काफी कम करती है और साथ ही भारतीय प्रायद्वीप में तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की कार्बन पृथक्करण क्षमता को बढ़ाती है।